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यूपी में लगे राष्ट्रपति शासनः शीला दीक्षित

Fri, 05 Aug 2016 12:18 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला खोड़ा
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अन्य - फोटो : अमर उजाला
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बुलंदशहर गैंगरेप पीड़ित परिवार से मिलने के लिए तीसरे दिन भी नेताओं का आना जारी रहा। कांग्रेस नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित बृहस्पतिवार सुबह खोड़ा पहुंची। उन्हें स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा।
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लोगों ने शीला दीक्षित के साथ प्रदेश सरकार के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की और कहा कि नेता सिर्फ राजनीति कर रहे हैं। हालांकि शीला दीक्षित ने कहा कि कांग्रेस पीड़ित परिवार की पूरी कानूनी लड़ाई लड़ेगी। साथ ही बच्ची की पढ़ाई का खर्च भी उठाएगी।

बृहस्पतिवार सुबह करीब 11 बजे कांग्रेस नेता शीला दीक्षित, जितिन प्रसाद, प्रदेश प्रवक्ता राजीव त्यागी और अन्य नेता पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उनके पहुंचने की सूचना पर पीड़ित परिवार के घर के बाहर लोग जमा हो गए और शीला दीक्षित के पहुंचते ही नारेबाजी शुरू कर दी।
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लोगों का कहना था कि नेता सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं। प्रदेश सरकार को भी निकम्मा बताते हुए प्रदेश सरकार और आजम खान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आसपास के लोगों ने बताया कि परिवार की मदद के लिए वह लोग पैसे इकट्ठा कर रहे हैं। अब जो नेता यहां आएगा उससे मदद के बारे मे पूछा जाएगा।

उधर, परिवार से मिलकर बाहर निकलीं शीला दीक्षित ने कहा कि अखिलेश सरकार प्रदेश में कानून व्यवस्था कायम करने में पूरी तरह फेल साबित हो रही है। उन्हें पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है। कांग्रेस नेताओं ने एक स्वर में प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की। इस दौरान संजय सिंह, नरेंद्र भारद्वाज समेत अन्य नेता मौजूद रहे।
 

 बुलंदशहर से पहुंची डाक्टरों की टीम
बुधवार दोपहर बुलंदशहर की नायब तहसीलदार अर्चना कुमारी डॉक्टरों के दल के साथ पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचीं। पीड़ित मां-बेटी की जांच के बाद एसीएमओ डॉक्टर रेखा शर्मा और डीएमओ डॉ. वीके श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों की हालत में सुधार है। हालांकि अभी दोनों सदमे में हैं।

राजनीतिक रोटियां न सेंकें : राजदेवी चौधरी
राज्य महिला आयोग सदस्या राजदेवी चौधरी ने कहा कि इस घटना को सरकार ने गंभीरता से लिया है। आयोग ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने से लेकर तमाम मदद करने की सिफारिश राज्य सरकार से की है।

उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार की सहायता में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी। उन्होंने विपक्षी दल के लोगों से अपील की कि वे इस घटना की आड़ में राजनीतिक रोटियां न सेकें। उन्होंने कहा कि वह बुधवार को पीड़ित परिवार का दुखदर्द बांटने गई थीं, वहां उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया था कि रेप पिछली सरकारों में भी हुए हैं। विपक्षी दल के लोग मुख्यमंत्री के खिलाफ अनापशनाप बोलकर वहां का माहौल खराब कर रहे थे।

मार्शल आर्ट सीखने वाली छात्राएं भी मिलने पहुंचीं
पीड़िता के साथ मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग लेने वाली पांच छात्राएं भी परिवार का दर्द जानने पहुंचीं। सभी किशोरियों ने अपनी सहेली से मुलाकात की। कुछ देर तक बात भी हुई। हालांकि बाहर आने के बाद किसी ने मीडिया से बातचीत नहीं की। पीड़िता के रिश्तेदार ने बताया कि अपनी सहेलियों को देखने के बाद पीड़िता के चेहरे पर एक मुस्कराहट तो आई, मगर वह अभी भी सदमे में है।
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