साहिबाबाद। खाड़ी देशों में तनाव के बीच जहां पेट्रोल-डीजल के सीमित उपयोग और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की बात हो रही है, वहीं साहिबाबाद डिपो में डीजल संकट चिंता बढ़ा रहा है। डिपो में लगे चार पंपों में से दो पंप शुक्रवार सुबह से ही खाली पड़े हैं। एक पंप की बैटरी खराब होने से शुक्रवार को पूरे दिन सिर्फ एक पंप से बसों में डीजल भरा गया। शनिवार को खराब पंप ठीक होने के बाद अब दो पंपों से काम चल रहा है।
कर्मचारियों के मुताबिक, सीमित पंपों के कारण डीजल भरने में ज्यादा समय लग रहा है। इससे कई बसें निर्धारित समय से देरी से रवाना हो रही हैं। साहिबाबाद डिपो से कौशांबी, गाजियाबाद और अन्य डिपो की बसों में भी डीजल भरा जाता है। यहां रोजाना 10-12 हजार लीटर डीजल की खपत है। दो दिन के अंतराल पर 20 हजार लीटर के दो टैंकर मंगाए जाते हैं। डीजल मेरठ और सिकंदराबाद से आता है।
दाम बढ़ने से असमंजस, टैंकर नहीं भेज रही कंपनी
जानकारी के मुताबिक, 14 मई को डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ने के बाद से यह समस्या आई है। नए रेट तय न होने के कारण एक सप्लायर कंपनी ने शुक्रवार से टैंकर भेजना बंद कर दिया। कंपनी का कहना है कि प्राइस मेंटेन नहीं होने से दिक्कत आ रही है। वहीं दूसरी कंपनी नए रेट पर डीजल भेज रही है। बुधवार को 14 हजार लीटर डीजल 86.90 रुपये प्रति लीटर और शुक्रवार को 20 हजार लीटर 89.91 रुपये प्रति लीटर की दर से मिला। दो दिन में प्रति लीटर 3.01 रुपये की बढ़ोतरी हुई। बृहस्पतिवार शाम को बुक किया गया टैंकर शनिवार शाम तक नहीं पहुंचा था। 16 मई को कार्यशाला का एक पंप खराब मिला, जबकि दूसरा ड्राई हो गया।
दो दिन का स्टॉक रहता है रिजर्व
परिवहन निगम के इस डीजल पंप में आपात स्थिति के लिए करीब 40 हजार लीटर डीजल दो दिन के बैकअप के तौर पर स्टोर रखा जाता है। रोजाना डिपो से 80-100 बसों में डीजल भरा जाता है। एक बस फुल टैंक पर करीब एक हजार किलोमीटर चलती है। पूरे क्षेत्र में एक हजार से अधिक बसें हैं, जिनमें से करीब 800 डीजल की हैं। गाजियाबाद की एक, कौशांबी की 40 और साहिबाबाद की 100 से अधिक बसों में यहीं से डीजल भरा जाता है।
क्या बोले अधिकारी
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, साहिबाबाद राजेश कुमार ने कहा परिवहन निगम के डीजल पंपों पर पर्याप्त मात्रा में डीजल उपलब्ध है। फिलहाल दो पंप से काम लिया जा रहा है और बसों का संचालन सुचारू रूप से हो रहा है।