एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट लगातार लेट होते जा रहा है। एक बार फिर रोड के आडे़ आ रहे हाईटेंशन लाइन टावर को हटाने के लिए पावर कारपोरेशन से शटडाउन नहीं मिल सका। अब 27 अगस्त को शटडाउन मिलने की उम्मीद है। उधर, पक्षी विहार इलाके में पर्यावरण मंजूरी न लेने के कारण डेढ़ महीने से पांच पिलरों पर काम रुका हुआ है, इस मामले में एनजीटी में 8 सितंबर को सुनवाई होगी।
एलिवेटेड रोड की राह में छह जगहों पर हाईटेंशन लाइन के टावर हैं। इनकी शिफ्टिंग के लिए 2 अप्रैल को शटडाउन मिलने वाला था, जो करीब चार महीने विलंब से 8 अगस्त को मिला। इस दौरान हज हाउस के पास एक एचटी टावर को शिफ्ट किया गया।
इसके बाद इंदिरा प्रियदर्शनी पार्क के पास टावर को शिफ्ट करने के लिए 21-22 अगस्त को शटडाउन मिलने वाला था, जो नहीं मिल सका। पावर कारपोरेशन ने अब 27 अगस्त को शटडाउन देने की बात कही है।
यह भी खास है कि पिछली बार नौ दिनों का शटडाउन मिला था जबकि इस बार पावर कारपोरेशन 4-5 दिनों का ही शटडाउन देने को तैयार हो रहा है, इतने कम दिनों में टावर शिफ्ट करना जीडीए के लिए चुनौती होगा।
एनजीटी में 8 सितंबर को सुनवाई
पक्षी विहार इलाके में पांच पिलरों पर काम रोके जाने के मामले में आठ सितंबर को सुनवाई होगी। एनजीटी ने इस सुनवाई पर पर्यावरण मंत्रालय को भी बुलाया है। सूत्रों ने बताया कि पर्यावरण मंजूरी को लेकर मंत्रालय को अपना पक्ष रखना है।
बता दें कि प्रदेश की यह सबसे लंबी एलिवेटेड रोड होगी। 1184 करोड़ की लागत से 10.3 किलोमीटर लंबी रोड राजनगर एक्सटेंशन से यूपी गेट के बीच बनाई जा रही है। इससे दिल्ली और गाजियाबाद की दूरी काफी घट जाएगी।