गाजियाबाद। नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में शुक्रवार को शहर के विकास कार्यों के लिए 3722 करोड़ रुपये के बजट पर मुहर लगी। यह बजट सभी 100 वार्डों में होने वाले विकास कार्यों पर खर्च किया जाएगा। इससे नगर निगम के क्षेत्र में आने वाली सड़कों की मरम्मत, सीवर के कार्य, पानी, स्ट्रीट लाइट समेत अन्य कार्यों को रफ्तार मिलेगी।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में 2413 करोड़ रुपये के बजट का प्रस्ताव रखा गया था, जो इस बार बढ़कर 3722 करोड़ रुपये हो गया है। इसके अलावा कार्यकारिणी की बैठक के दौरान कई अन्य प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई।
पत्रकार किरणपाल राणा के निधन पर कार्यकारिणी के बैठक के दौरान सदस्यों और नगर निगम के कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की। नगर निगम की ओर से पेश किए गए बजट में लगभग 2754 करोड़ आय प्रस्तावित की गई है। इसमें संपत्ति कर, लाइसेंस, विक्रय, किराया, ठेका, शुल्क विविध आय शासकीय अनुदान व अन्य मदों को सम्मिलित किया गया।
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए
रिश्वत मांगी तो जाएगी नौकरी
वार्ड 27 के पार्षद नरेश जाटव ने कहा, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए रिश्वत मांगी जा रही है। विजयनगर जोनल कार्यालय से इसकी कई शिकायतें आई हैं। इस पर महापौर सुनीता दयाल ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जोनल कार्यालयों की औचक जांच कराई जाएगी। कोई कर्मचारी अगर प्रमाण पत्र के लिए रिश्वत मांगता या लेता पाया जाता है, तो नौकरी से बर्खास्त करने के साथ ही उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी
विज्ञापन से राजस्व बढ़ाने पर चर्चा-
वार्ड 59 के पार्षद राजीव शर्मा ने शहर में अवैध होर्डिंग व विज्ञापनों पर लगाम लगाने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि अवैध विज्ञापनों पर कार्रवाई करते हुए नए स्थानों को चिह्नित करके आय में इजाफा हो सकता है। मार्केट सर्वे के हिसाब से विज्ञापनों की दर तय की जाए। इसके लिए पार्षदों और अधिकारियों की संयुक्त कमेटी तैयार की जाए। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि मास्टर प्लान के तहत सड़कों के हिसाब से पहले व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्र की दर को तय किया जाएगा। इसके बाद सामान्य भवनों की दर भी सड़क के हिसाब से तय कर वसूली की जाएगी।