निगम की फर्म अब सिर्फ काम में ही खेल नहीं कर रही, बल्कि अफसरों के लेटर में भी फर्जीवाड़ा करने लगी है। रोडवेज बस अड्डों पर विज्ञापन ठेका लेने के लिए एक फर्म ने उपनगर आयुक्त के फर्जी साइन कर खुद ही एनओसी लेटर तैयार कर लिया।
मामले का खुलासा तब हुआ जब रोडवेज के अफसरों ने निगम से इसकी क्रास चेकिंग कराई। अब उपनगर आयुक्त ने फर्म को नोटिस जारी किया है। जल्द ही फर्म के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
उपनगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त बीओटी विभाग के प्रभारी भी हैं। मेरठ की एक फर्म मेसर्स नंद इंक ने निगम क्षेत्र में बीओटी कांट्रेक्ट लिए हुए हैं। 19 सितंबर 2016 को अरुण कुमार गुप्त के फर्जी हस्ताक्षर से इस फर्म के नाम एक अदेयता प्रमाण पत्र जारी किया गया है।
इसमें लिखा गया है कि निगम का इस फर्म पर कोई पैसा बकाया नहीं है। इस एनओसी के आधार पर इस फर्म ने रोडवेज के कौशांबी और गाजियाबाद बस अड्डे पर होर्डिंग्स/यूनिपोल विज्ञापन ठेके के लिए आवेदन किया हुआ था।
परिवहन निगम के अफसरों को फर्जीवाड़े का शक हुआ तो उन्होंने निगम को पत्र भेजकर प्रमाण पत्र की जांच करा ली। उप नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त का कहना है कि उन्होंने ऐसा कोई अदेयता प्रमाण पत्र जारी ही नहीं किया है।
उन्होंने बताया कि फर्म को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया गया है। परिवहन निगम को भी पत्र भेजकर फर्जी प्रमाण पत्र की हकीकत बता दी गई है। उपनगर आयुक्त का कहना है कि उनके फर्जी साइन किए जाने के मामले में फर्म के प्रोपाइटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।