गाजियाबाद। जिले में स्वाइन फ्लू के साथ डेंगू का खतरा भी बढ़ने लगा है। अब तक डेंगू के 10 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिलेभर में रोजाना डेंगू लार्वा का सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे में सबसे अधिक लार्वा पॉश इलाकों में मिल रहा है। लोहियानगर, राजनगर एक्सटेंशन, क्रॉसिंग्स रिपब्लिक, वसुंधरा, वैशाली और कौशांबी समेत कई इलाकों में लार्वा मिला है।
डेंगू लार्वा की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 40 टीमें लगाई हैं। टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में घरों और आसपास के स्थानों का सर्वे कर रही हैं। अभी तक 2000 से अधिक स्थानों पर डेंगू का लार्वा मिलने की बात सामने आई है। लार्वा मिलने वाले स्थानों पर दवा का छिड़काव कराने के साथ लोगों को साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया जा रहा है। वहीं, रोजाना 400 से 500 मरीजों की डेंगू की जांच भी की जा रही है।
बरतें सावधानी
जिला मलेरिया अधिकारी जीके मिश्रा ने बताया कि बारिश के बाद घरों के आसपास, छतों, खाली बर्तनों और अन्य स्थानों पर पानी जमा होने से डेंगू का लार्वा पनपने का खतरा बढ़ जाता है। लोगों को घर के आसपास पानी जमा नहीं होने देना चाहिए। कूलर और गमलों की नियमित सफाई करने के साथ छत पर भी पानी जमा न होने दें। उन्होंने बताया कि जिन घरों में अभी भी कूलर में पानी रखा जा रहा है, वहां अधिक लार्वा मिल रहा है। लोगों को कूलर का पानी नियमित रूप से बदलने की सलाह दी जा रही है। साथ ही पानी में मच्छररोधी दवा डालने के लिए भी कहा जा रहा है।