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Ghaziabad News: शनिवार को चला कार्रवाई का डंडा, सोमवार को स्थिति जस की तस

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गाजियाबाद। संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) परिसर के आसपास सक्रिय दलालों और अवैध दुकानों के खिलाफ चलाए गए अभियान का असर महज एक दिन ही रहा। एआरटीओ प्रशासन और पुलिस की टीम ने शनिवार को दलालों और अनधिकृत दुकानदारों को हटा दिया था, लेकिन सोमवार को फिर कार्यालय के बाहर दुकानें सज गईं। यहां आने वाले लोगों को दलाल जल्द और बिना परेशानी के काम कराने का प्रलोभन देते नजर आए।
शनिवार को एआरटीओ प्रशासन अशोक कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में पुलिस बल के सहयोग से कार्यालय परिसर के बाहर सघन अभियान चलाया गया था। इस दौरान अवैध रूप से दुकानें लगाने और दलालों को मौके से हटा दिया गया था। अधिकारियों ने चेतावनी दी थी कि भविष्य में आरटीओ परिसर के बाहर किसी भी तरह की अवैध दुकान, ठेला या संदिग्ध गतिविधि मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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इसके बावजूद सोमवार को हालात फिर पहले जैसे नजर आए। कार्यालय के आसपास दुकानें लगाने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी का कोई असर नहीं दिखा। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इससे पहले भी कई बार अधिकारियों और पुलिस की ओर से अवैध दुकानदारों को हटाया जा चुका है, लेकिन कुछ दिन बाद फिर दुकानें लग जाती हैं। आरोप है कि कार्रवाई महज एक दिन तक सीमित रह जाती है, जिससे अवैध गतिविधियों पर स्थायी रोक नहीं लग पा रही है।

बिना दलाल नहीं हो पाता काम
लाइसेंस बनवाने के लिए आरटीओ कार्यालय पहुंचे श्रीहरि शर्मा ने बताया कि भले ही परिवहन विभाग की अधिकांश व्यवस्थाएं ऑनलाइन हो गई हों, लेकिन लाइसेंस को स्थायी कराने के लिए उन्हें बाहर बैठे लोगों की मदद लेनी पड़ती है। कई बार खुद कार्यालय के चक्कर लगाने के बाद भी काम नहीं हुआ और बाहर के लोगों की मदद से ही प्रक्रिया पूरी हो सकी। इसी तरह आरसी ट्रांसफर कराने पहुंचे आकाश कुमार ने बताया कि वह अपने वाहन के हस्तांतरण के लिए कई दिनों से कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। उनका आरोप है कि अधिकारी हर बार कागज में कमी बताकर उन्हें वापस कर देते हैं। ऐसे में बाहर बैठे लोगों की मदद के बिना काम कराना मुश्किल हो रहा है।
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होगी कानूनी कार्रवाई, बाहर नहीं दिखेंगे दलाल
एआरटीओ प्रशासन अशोक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कार्यालय परिसर के अंदर और बाहर दलालों और अनधिकृत व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कार्यालय आने वाले नागरिकों से सीधे संवाद किया जाएगा। परिवहन विभाग से जुड़े किसी भी कार्य में पटल या काउंटर पर समस्या, अनावश्यक देरी या किसी तरह की कठिनाई होने पर लोग सीधे उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी देकर अपना कार्य करा सकते हैं।
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