गाजियाबाद। शहर में डेंगू बुखार बढ़ रहा है। बृहस्पतिवार को तीन नए मरीज मिलने के साथ ही जिले में डेंगू मरीजों की कुल संख्या 164 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिदिन चार से सात मरीजों की पुष्टि हो रही है।
फिजीशियन डॉ. आलोक रंजन का कहना है कि डेंगू से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है कि लोग अपने घर और आस पास पानी जमा न होने दें। उन्होंने बताया कि डेंगू के लक्षणों में तेज बुखार, शरीर में दर्द, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द और कमजोरी शामिल हैं। समय रहते इलाज न मिलने पर डेंगू खतरनाक साबित हो सकता है।
लगातार हो रहा है फॉगिंग और छिड़काव
जिला मलेरिया अधिकारी ज्ञानेंद्र मिश्रा ने बताया कि नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा लगातार फॉगिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव किया जा रहा है। साथ ही जिन घरों में लार्वा पाए जा रहे हैं, वहां चालान भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू नियंत्रण को लेकर जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। स्कूलों, कॉलोनियों और बाजारों में टीमों द्वारा पंपलेट्स बांटे जा रहे हैं और लोगों को बताया जा रहा है कि कैसे डेंगू से बचा जा सकता है।
सप्ताह में कूलर और जमा पानी की करें सफाई
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि इस समय जो मौसम बना है, वह डेंगू का लार्वा पनपने के लिए अनुकूल है। स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम अपना काम कर रहे हैं, लेकिन लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि सप्ताह में कम से कम एक बार कूलर, पानी की टंकियों और अन्य जल स्रोतों की सफाई जरूर करें।