मोदीनगर। भोजपुर के चुड़ियाला गांव में पड़ोसियों की पिटाई से घायल विक्रांत की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने हत्या का आरोप लगाते हुए सोमवार रात करीब नौ बजे शव चुड़ियाला पुलिस चौकी के सामने रख दिया।
आक्रोशित लोग आरोपियों के एनकाउंटर और उनके मकानों पर बुलडोजर चलाने की मांग को लेकर अड़ गए। करीब 15 घंटे तक हंगामा चलता रहा। मंगलवार दोपहर एसीपी मोदीनगर के शीघ्र गिरफ्तारी के आश्वासन के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात है।
आरोप है कि चुड़ियाला निवासी विक्रांत पर पुरानी रंजिश के चलते शुक्रवार रात पड़ोसी आकाश, योगेश, प्रथम और निशांत उर्फ नोनू ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया था। विक्रांत इससे गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसका मेरठ के एक निजी मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा था, जहां सोमवार सुबह उसकी मौत हो गई। विक्रांत की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस पर आरोपियों से साठगांठ का आरोप लगाया। उनका कहना था कि जानलेवा हमले के बावजूद पुलिस ने मामले में केवल मारपीट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की। इसको लेकर ग्रामीणों में पहले से नाराजगी थी, जो मौत की खबर के बाद आक्रोश में बदल गई।
रात करीब आठ बजे पोस्टमार्टम के बाद शव गांव लाया गया। इसके बाद ग्रामीण उसे लेकर चुड़ियाला पुलिस चौकी पहुंच गए।
उन्होंने शव सड़क पर रखकर खरखौड़ा-मोहिउद्दीनपुर मार्ग जाम कर दिया। जाम खुलवाने को लेकर पुलिस अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच धक्का-मुक्की व तीखी नोकझोंक हुई।
एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा ने बामुश्किल लोगों को समझाकर जाम तो खुलवा दिया, लेकिन परिजन और ग्रामीण शव चौकी के सामने रखकर धरने पर बैठे रहे। उनकी मांग थी कि आरोपियों का एनकाउंटर किया जाए और उनके मकानों पर बुलडोजर चलाया जाए।
रात करीब एक बजे डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी भी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह कार्रवाई से पहले अंतिम संस्कार करने के लिए तैयार नहीं हुए। सुबह फिर अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत शुरू की। दोपहर करीब 12 बजे एसीपी ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी का भरोसा दिया, तब जाकर आक्रोशित परिजन शांत हुए।
एसीपी ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की पांच टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।