गाजियाबाद। जिलाधिकारी के सामने एक अजीबो गरीब मामला आया, जिसमें दसवीं पास बालिका आईआईटी और जेईई की कोचिंग कराने की मांग कर रही थी। कोचिंग की मांग करते हुए वह जिलाधिकारी की गाड़ी के आगे बैठकर पढ़ने लगी। कलक्ट्रेट के कर्मचारी उसके समझाते रहे लेकिन, वह नहीं मानी। बाद में समाज कल्याण अधिकारी ने बालिका को समझाया कि 12वीं पास करने के बाद उसको कोचिंग की सुविधा दिलाई जाएगी।
विजयनगर की एक छात्रा जिलाधिकारी के पास यह मांग लेकर आई थी कि उसको आईटीआईृ-जेईई की कोचिंग करनी है। उसकी मांग यह थी कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के तहत सरकार इतनी योजनाएं ला रही है तो वह उसे भी किसी निजी कोचिंग संस्था से कोचिंग कराएं, जिसका पूरा खर्चा भी सरकार उठाए। छात्रा ने प्रार्थनापत्र भी दिया, जिसको समाज कल्याण विभाग में भेजा गया। समाज कल्याण अधिकारी अमरजीत सिंह ने बताया कि यह बालिका पहले भी उनके पास आई थी, जिसको समझाया गया था कि 12वीं पास छात्र-छात्राओं को ही विभाग की तरफ से निशुल्क कोचिंग कराई जाती है लेकिन, वह दोबारा आवेदन लेकर आई। उसके समझाया गया है कि जब वह 12वीं पास कर लेगी तो उसके कोचिंग दिलाई जाएगी।