यूपी गेट पर 55 दिनों से आंदोलन कर रहे किसानों ने 26 जनवरी को होने वाली ट्रैक्टर रैली की तैयारी तेज कर दी है। ट्रैक्टरों के आगे बुल गार्ड लगाने शुरू कर दिए गए हैं। बुल गार्ड लगे ट्रैक्टर मार्च के दौरान पहली कतार में होंगे। अगर दिल्ली पुलिस बैरिकेडिंग लगाकर किसानों को रोकने की कोशिश करती है तो ये ट्रैक्टर बैरिकेडिंग तोड़ते हुए आगे बढ़ेंगे।
गणतंत्र दिवस पर होने वाली रैली के लिए ट्रैक्टरों पर तिरंगा और किसान संगठनों का झंडा लगाने का काम भी जल्द ही शुरू होगा। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बताया कि ट्रैक्टर रैली को लेकर किसान तैयारी में लगे हैं। 26 जनवरी को सभी किसान दिल्ली की चमचमाती सड़कों पर ट्रैक्टर रैली निकालेंगे।
सोशल मीडिया का भी सहारा लोगों से रैली में जुड़ने के लिए लिया जा रहा है। किसान संगठनों ने भी आंदोलन स्थल तैयारी शुरू कर दी है। किसानों के रुकने के लिए कैंप लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही लंगर की भी संख्या बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है। जिससे किसानों को किसी तरह की परेशानी रुकने में नहीं हो।
ट्रैक्टर रैली के लिए बनाई रणनीति
यूपी गेट पर मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन अम्बावता की बैठक हुई। जिसमें 26 जनवरी को होने वाली ट्रैक्टर रैली को लेकर रणनीति तैयार की गई। प्रदेश अध्यक्ष सचिन शर्मा ने कहा कि यह ट्रैक्टर रैली किसान संगठनों की एकजुटता और संगठित शक्ति का प्रदर्शन होगा। इसमें पूरी तरीके से जनमानस की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए ट्रैक्टर रैली दिल्ली कूच करेगी।
यदि प्रशासन ने किसानों के संवैधानिक अधिकार के तहत शांतिपूर्ण मार्च को दमनकारी नीति से रोकने की कोशिश की या बल प्रयोग किया तो किसानों के द्वारा पुरजोर विरोध किया जाएगा। बैठक में प्रमुख रूप से राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण शर्मा, अमित कसाना, बिन्नू आधाना, ऋषि पाल यादव , संजू आधाना चौधरी, ब्रह्म सिंह, योगेश हसनपुरिया, सोनी चौधरी, सत्य बंसल चौधरी, संदीप पवार, तनुज मोहन आदि मौजूद रहे।