लॉकडाउन के बाद आगामी जुलाई माह में मानसून सीजन के चलते दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे का काम प्रभावित रहेगा। दूसरी ओर निर्माण संबंधी कार्यों में प्रयोग आने वाली सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित रहना बड़ा सवाल है। इन सब बावजूद एनएचएआई का पूरा जोर साल के अंत तक एक्सप्रेस-वे के काम को पूरा करने का है।
बता दें कि एनएचएआई ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे में यूपी गेट से डासना तक दूसरे चरण में 75 फ़ीसदी काम पूरा हो चुका है। वहीं चौथे आखिरी चरण में एनएचएआई ने डासना से मेरठ तक वाले सेक्शन में करीब 70 फ़ीसदी काम पूरा कर लिया। एनएचएआई की ओर से सोशल डिस्टेंसिंग और सैनिटाइजेशन की प्रक्रिया को अंजाम देते हुए विभिन्न साइट पर काम किया जा रहा है।
लॉकडाउन के तीसरे चरण में काम शुरू होने के बावजूद अभी 20 फ़ीसदी लेबर की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकी है। अतिरिक्त लेबर को जुटाने और काम को रफ्तार देने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। काम की लगातार समीक्षा की जा रही है। - मुदित गर्ग, डीजीएम, एनएचएआई