गाजियाबाद। ट्रेनों की लेटलतीफी सुधरने की बजाय बढ़ती जा रही है। निर्धारित समय पर चलीं ट्रेनें एक दिन बाद गंतव्य तक पहुंच रही हैं। इससे यात्री परेशान हैं। ट्रेन नंबर 12487 सीमांचल एक्सप्रेस को वैसे तो बृहस्पतिवार रात सवा आठ बजे गाजियाबाद पहुंचना था, लेकिन यह यहां अगले दिन शुक्रवार को 24 घंटे देरी से सवा आठ बजे यहां पहुंची। इसमें सवार यात्री गर्मी से परेशान रहे। स्लीपर कोच में सवार यात्री सबसे ज्यादा दिक्कत में दिखे। इसके अलावा ट्रेन नंबर 05057 दिल्ली विशेष किराया स्पेशल को सुबह 11:42 पर पहुंंचना था, जो यहां रात को 12:58 पर पहुंची। 15707 आम्र्रपाली एक्सप्रेस रात दो बजे की बजाय चार घंटे देरी से सुबह छह बजे गाजियाबाद पहुंची।
ये ट्रेनें भी देरी से आईं
दिल्ली-सहारनपुर मेमू आधा घंटा, उत्तराखंड संपर्क क्रांति एक घंटा, शालीमार मलानी एक्सप्रेस 55 मिनट, चंपारण सत्याग्रह एक्सप्रेस एक घंटा तीन मिनट, आनंद विहार टर्मिनल साप्ताहिक एक्सप्रेस 50 मिनट, मेरठ छावनी पैसेंजर 40 मिनट, टूंडला गाजियाबाद ईएमयू 35 मिनट, जम्मूतवी एक्सप्रेस एक घंटा 38 मिनट देरी से गाजियाबाद पहुंची।
न पीने के लिए पानी न बैठने के लिए जगह
ट्रेनों के देरी से चलने के कारण स्टेशन पर ही यात्रियों काे समय गुजारना पड़ रहा है। प्लेटफार्मों पर लगी बेंच पर क्षमता से दोगुने लोग किसी तरह जगह बनाकर बैठने को मजबूर हैं, जिन लोगों को जगह नहीं मिल रही हैं, वह या तो सीढ़ियों पर बैठ रहे हैं या फिर गैलरी में नीचे बैठकर ट्रेनों का इंतजार कर रहे हैं। गर्मी से राहत के लिए उनके लिए पंखे तक की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में बच्चाें, बुजुर्गों व महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। नाॅर्दर्न रेलवे के सीपीआरओ हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि ट्रेनें समय से चलें, इसके लिए भरसक प्रयास किया जा रहा है। कई जगह सिग्नल ब्लाॅक के कारण ट्रेनों के संचालन में देरी हो रही है।