पिछले दिनों सामने आए चिकनगुनिया के एक केस की अमर उजाला में प्रकाशित खबर को लेकर डीएम ने संज्ञान लिया है। डीएम मिनिष्ती एस ने सीएमओ से डेंगू और चिकनगुनिया से बचाव के लिए तैयार की गई कार्ययोजना पर रिपोर्ट मांगी है।
शहर में तापमान अधिक होने के बावजूद चिकनगुनिया का मरीज सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग ने हालांकि उसे चिकनगुनिया होने से इंकार किया था। वहीं मुरादनगर के जलालाबाद में खसरे से एक मौत हो गई थी। साथ ही संदिग्ध बुखार की चपेट मेें आ रहे लोगों के मामले को डीएम ने संज्ञान में लिया है।
डीएम ने डेंगू और चिकनगुनिया के साथ ही गर्मी में फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग से उनकी तैयारी की जानकारी मांगी है। इसके साथ ही इस मामले में जल्द ही डीएम स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक भी करेंगी।
मौसम के हर पल बदलते रुख से बीमारी की अब किसी एक मौसम से पहचान नहीं रह गई है जबकि स्वास्थ्य विभाग अभी भी बीमारी को मौसम से जोड़कर देखता है और उसी तरह तैयारी करता है। अचानक कोई केस आने पर विभाग उसे पहले मानने से ही इंकार कर देता है, ऐसे में व्यवस्था बनाना दूर की बात है।
यही वजह है कि जब भी कोई डेंगू व चिकनगुनिया का मरीज सामने आता है तो स्वास्थ्य विभाग इसे मानने से ही इंकार कर देता है।