वैशाली सेक्टर छह में अरोग्य अस्पताल के गार्ड को सुबह करीब नौ बजे गेट के सामने एक सिल्वर रंग की स्विफ्ट कार खड़ी मिली। उन्होंने पास जाकर देखा तो एक ड्राइवर सीट पर पड़ा था। उसके मुंह से झाग निकल रहे थे। जब चालक की कोई हलचल नजर नहीं आई तो अस्पताल के सुरक्षा गार्ड ने मामले की जानकारी तुरंत रामप्रस्थ पुलिस चौकी में दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कार का दरवाजा खोला तो पता चला कि कार का लॉक खुला हुआ था। उसका शरीर नीला पड़ा था। इसके बाद पुलिस ने फोरेंसिक टीम बुलाई और मौके से साक्ष्य एकत्र कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अभी गाड़ी अस्पताल के बाहर ही खड़ी है।
कार के नंबर से पुलिस ने की पहचानने की कोशिश
पुलिस का कहना है कि युवक की पहचान करने के लिए कार में मोबाइल फोन देखा तो नहीं मिला। इसके बाद कुछ और दस्तावेज देखने की कोशिश की तो वो भी कुछ काम न आ सके। इसके बाद पुलिस ने कार का नंबर ट्रेस कर जांच की तो उनका पता दिल्ली के किशनगंज का निकला। इसेक बाद पता चला कि दिल्ली पर तो वह किराए पर रहते थे और दो साल पहले वहां से घर छोड़ चुके हैं। इसके बाद पुलिस ने शव की तस्वीर लोगों को दिखाई तो उसकी पहचान शालीमार गार्डन निवासी हर्षवर्धन के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने शालीमार गार्डन के पते को निकाला तो उनके पिता सर्वेश प्रसाद को इसकी जानकारी दी। पिता ने मौके पर पहुंचकर शव की शिनाख्त की।
पत्नी ने जताई हत्या की आशंका, नहीं दी कोई तहरीर
सूचना के बाद हर्ष वर्धन पत्नी पूनम राघव और दोनों बेटे भी मौके पर पहुंचे और हर्षवर्धन को देखकर रोने लगाई। पुलिस का कहना है कि उनकी पत्नी ने हत्या की आशंका जताई है। हालांकि अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है।
गुरुवार रात से ही घर से निकले थे कारोबारी
पुलिस के मुताबिक, सर्वेश प्रसाद ने बताया कि हर्षवर्धन (40) अपनी पत्नी पूनम राघव और दो बच्चों के साथ वसुंधरा सेक्टर-13 में रहता है। वो लोग मूल रूप से उत्तराखंड के कर्णप्रयाग रतोड़ा के रहने वाले हैं। वह शिपिंग कारोबारी थे। गुरुवार रात से ही अपने घर से निकले थे। इसके बाद से उनका कुछ पता नहीं था और न ही परिवार वालों की तरफ से कोई जानकारी दी गई। वह अपने फोन भी घर ही छोड़कर निकले थे।
ये बोली पुलिस
इंदिरापुरम के सहायक पुलिस आयुक्त स्वतंत्र कुमार सिंह का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं मृतक के शरीर पर चोट के निशान नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण स्पष्ट किए जा रहे हैं।