गाजियाबाद। लोनी के 50 बेड के संयुक्त अस्पताल को वित्तीय स्वायत्तता प्रदान करने के उद्देश्य से शासन ने मार्च 2025 में डीडीओ (आहरण एवं संवितरण अधिकारी) कोड जारी किया था। छह माह बीतने के बाद भी अस्पताल प्रबंधन ने कोड को सक्रिय नहीं कराया। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए वित्त नियंत्रक ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
अस्पताल का शुभारंभ मई 2023 में किया गया था। प्रतिदिन 500 से 600 मरीज यहां उपचार के लिए पहुंचते हैं, लेकिन व्यवस्थाएं अब तक पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो पाई हैं। डीडीओ कोड के सक्रिय न होने से अस्पताल जरूरी दवाइयां, उपकरण और अन्य चिकित्सा सामग्री नहीं खरीद पा रहा है। इसके अलावा चिकित्सकों और कर्मचारियों का वेतन निर्गत करने में भी कठिनाई आ रही है। मरीजों को अक्सर छोटी-छोटी जरूरतों के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) की अनुमति का इंतजार करना पड़ता है। इससे न केवल मरीजों को बल्कि चिकित्सकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पताल के सीएमएस डॉ. कैलाश चंद्र का कहना है कि डीडीओ कोड आवंटन का मामला उनके कार्यभार संभालने से पहले का है, इसलिए उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। वहीं, सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन ने बताया कि कोड को लेकर कुछ तकनीकी समस्याएं थीं, जिनका समाधान अब शासन स्तर से हो चुका है। उन्होंने कहा कि नोटिस का स्पष्टीकरण दे दिया गया है और जल्द ही अस्पताल को नया कोड जारी कर दिया जाएगा। अधिकारियों का दावा है कि कोड के सक्रिय होते ही अस्पताल की व्यवस्थाएं बेहतर होंगी और मरीजों को समय पर उपचार एवं सुविधाएं मिल सकेंगी।