नोएडा के डीएनडी फ्लाईओवर को टोल फ्री करने के बाद अब डासना टोल टैक्स को भी टोल फ्री करने की मांग उठने लगी है। संयुक्त व्यापार मंडल के दर्जनों सदस्यों ने बृहस्पतिवार को टोल प्लाजा पर प्रदर्शन किया। इस दौरान टोल प्लाजा पर जाम भी लग गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला।
संयुक्त व्यापार मंडल के सदस्य गोविंदपुरम अनाज मंडी से पैदल मार्च निकालकर टोल प्लाजा पहुंचे। वहां उन्होंने जोरदार प्रदर्शन करते हुए एनएच 24 पर जाम लगा दिया। व्यापार मंडल के अशोक भारतीय, गौरव गर्ग, प्रवीन बत्रा, अरविंद तेवतिया, राकेश शर्मा आदि ने आरोप लगाया कि डासना टोल प्लाजा से रोजाना 30 से 35 हजार वाहन निकलते हैं।
इसे बनाने में जितनी लागत आई है, वह कई वर्ष पहले ही पूरी हो चुकी है। टोल कंपनी बेवजह यहां जमी है और पब्लिक से जबरन वसूली कर रही है। यदि कोई वाहन चालक पूछताछ करता है तो उसके साथ अभद्रता की जाती है।
उन्होंने बताया कि इस टोल प्लाजा में रोजाना कितनी आमदनी होती है, इसकी जांच सीएजी से कराई जाए। उधर, टोेल प्लाजा पर हंगामे की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। वहां उनकी व्यापारियों के साथ नोकझोंक भी हुई।
नोटिस के विरोध में एनएचएआई पहुंचे व्यापारी
एनएचएआई की ओर से सड़क निर्माण को लेकर जारी नोटिस के विरोध में दर्जनों व्यापारी एनएचएआई ऑफिस पहुंचे। वहां, व्यापारियों को प्रोजेक्ट डायरेक्टर नहीं मिला तो उन्होंने प्रोजेक्ट मैनेजर मुदित गर्ग के सामने अपनी प्रमुख समस्याएं रखीं।
एनएचएआई द्वारा एनएच 24 का चौड़ीकरण किया जाना है। चौड़ीकरण के कारण डासना और मसूरी क्षेत्र के दर्जनों व्यापारियों की दुकानें और मकान आ रहे हैं। व्यापारियों का आरोप है कि एनएचएआई को जितनी भूमि चाहिए वह अधिग्रहित की जा चुकी है।
अधिग्रहित भूमि छोड़ने के बाद भी विभाग ने नोटिस जारी किए हैं। यदि नोटिस पर अमल किया गया तो दर्जनों व्यापारी बेरोजगार हो जाएंगे। पिलखुवा की तर्ज पर एलिवेटिड ब्रिज का निर्माण कर व्यापारियों को बेरोजगार होने से रोका जा सकता है।
प्रोजेक्ट मैनेजर ने इस मामले में उनकी सहायता करने में असमर्थता जताते हुए डीएम से मिलने की सलाह दी। इस मौके पर हशरत अली, मोहम्मद इमरान, नासिर अली हनीफ सरपंच आदि मौजूद रहे।