साहिबाबाद। जिले को भले ही सेफ सिटी घोषित कर दिया है, लेकिन यह दावे हवा-हवाई हैं। शहर के सबसे व्यस्त चौराहे मोहन नगर स्थित फुटओवर ब्रिज (एफओबी) पर रात में अंधेरा पसरा रहता है। इससे कई लोग अंधेरे के डर से जान जोखिम में डालकर जीटी रोड पार करते हैं। वहीं, रात में ड्यूटी से घर लौटने वाली युवती और महिलाएं दहशत में हैं। कई युवतियों को तो उनके परिजन एफओबी पर लेने के लिए आते हैं। इसके लिए लोगों ने सोशल मीडिया पर भी कई पोस्ट करके एफओबी पर प्रकाश की व्यवस्था कराने की मांग की है।
शालीमार गार्डर निवासी जयंती मिश्रा ने बताया कि आनंद विहार में जॉब करती हैं। उनका कहना है कि शाम होते ही फुट ओवर ब्रिज पर अंधेरा के कारण लोग इसका प्रयोग करने से बचते हैं। इससे बेहतर जान जोखिम में डालकर ट्रैफिक के बीच सड़क पार करने को मजबूर होते हैं। वह अंधेरा होने के कारण अपने परिजन को अकसर यहां बुलाती हैं और उसके बाद ही घर जाती हैं। उन्होंने कहा कि वैसे तो शहर को सेफ सिटी घोषित कर रखा है, लेकिन महिलाओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। लोगों का कहना है कि मोहन नगर चौराहा जीटी रोड और मेरठ रोड को जोड़ने वाला प्रमुख जंक्शन है। यहां हर रोज हजारों लोग फुटओवर ब्रिज का उपयोग करते हैं। सड़क हादसों को रोकने और पैदल यात्रियों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाने के लिए एफओबी का निर्माण किया गया था, लेकिन आज तक यहां पर प्रकाश की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
चंद दिन चलने के बाद बंद हो गए एस्केलेटर
जीडीए ने मोहन नगर चौराहे पर स्वचालित सीढ़ियों (एस्केलेटर) काे करीब तीन करोड़ रुपये से बनाकर अक्तूबर 2020 में आम जनता को सर्मपित किया था। गाजियाबाद के पहले एस्केलेटर को नाम के लिए चालू कर दिया गया, लेकिन चंद दिन बाद ही वह बंद हो गया। करोड़ों खर्च करने के बाद एस्केलेटर का निर्माण तो करा दिया, लेकिन इसके बंद पर होने पर किसी का ध्यान नहीं गया। इसके बंद होने से दिव्यांगों, बुजुर्गों और महिलाओं को सीढ़ियों से आने-जाने में काफी परेशानी होती है। कई लोग जीटी रोड सीधे पार कर अपनी जान जोखिम में डालते हैं। वहां पर कई सड़क हादसे हो चुके हैं और इनमें महिला की भी जान जा चुकी है।
जीडीए सचिव विवेक मिश्र का कहना है कि फुट ओवर ब्रिज पर अंधेरे की समस्या का समाधान करने के लिए अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। जहां पर प्रकाश नहीं है वहां पर नई लाइट लगवाई जाएंगी।