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Ghaziabad News: छह महीने से टूटी पुलिया, लकड़ी के तख्तों पर जिंदगी का सफर

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नज़र हटी दुघर्टना घटी -- साहिबाबाद क्षेत्र के शहीद नगर का गंदे नाले पर पिछले छह महीने से स्थानीय
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साहिबाबाद। शहीद नगर में छह महीने पहले नाले पर बनी पुलिया टूटी, लेकिन जिम्मेदारों ने इसकी सुध अब तक नहीं ली। इस बीच लोगों ने नाले पर लकड़ी के तख्ते रखकर आवाजाही का रास्ता तो बना लिया, लेकिन यह रास्ता सुविधा से ज्यादा मजबूरी और खतरे का प्रतीक बन गया है। संकरे तख्तों पर रोज स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को जान जोखिम में डालकर नाला पार करना पड़ रहा है। जरा-सा संतुलन बिगड़ा तो सीधे नाले में गिरने का खतरा है।
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लंबे समय से यह परेशानी झेल रहे लोगों का रविवार को गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी की और जल्द से जल्द पुलिया का निर्माण शुरू कराने की मांग की। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बाद भी व्यवस्था ने उनकी परेशानी को गंभीरता से नहीं लिया।

पांच महीने से शिकायत, अब तक नहीं बनी पुलिया
स्थानीय निवासी इंद्रजीत पाल ने बताया कि पुलिया निर्माण को लेकर करीब पांच महीने से नगर निगम में लगातार शिकायत की जा रही है। अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों को समस्या से अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने नगर निगम, अवर अभियंता और ठेकेदार के खिलाफ नारेबाजी की। कुछ लोगों ने ठेकेदार पर काम में देरी करने का आरोप भी लगाया। भाजपा नेता गुरदास पाल ने कहा कि पुलिया टूटने के बाद से क्षेत्र का आवागमन प्रभावित है। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए जल्द स्थायी रास्ता तैयार कराया जाना चाहिए।
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नाला पार करते समय गिर चुके तीन लोग
प्रदर्शनकारी फिरोज खान ने बताया कि नाला पार करते समय बीते दिनों एक बच्चा, एक महिला और एक व्यक्ति गिर चुके हैं। उनके अनुसार यह पुलिया दिल्ली जाने का सबसे छोटा रास्ता है। पुलिया नहीं होने के कारण सीमापुरी डिपो तक पहुंचने में लोगों को करीब 15 मिनट का अतिरिक्त समय लग रहा है। उन्होंने दावा किया कि स्थानीय लोगों और राहगीर वाहन चालकों समेत 20 हजार से अधिक लोग इससे प्रभावित हैं।

वाहन चालक लगा रहे तीन किमी का चक्कर
स्थानीय निवासी हाफिज मूसा ने बताया कि रास्ते से रोजाना एक हजार से अधिक लोगों का पैदल आवागमन होता है। पुलिया बंद होने के कारण वाहन चालकों को दूसरी ओर जाने के लिए दो से तीन किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है। लोगों का आरोप है कि नाले की पुलिया तोड़ने के बाद ठेकेदार ने अन्य स्थानों पर काम शुरू कर दिया। पुलिया निर्माण के लिए पैड बांधने वाला कर्मचारी नहीं मिलने का हवाला देकर भी काम टाला जाता रहा।

खुले में रखा ट्रांसफार्मर भी बना खतरा
स्थानीय लोगों ने खुले में रखे ट्रांसफार्मर को लेकर भी विरोध जताया। प्रदर्शनकारी गुड्डू ने बताया कि कुछ दिन पहले फॉल्ट होने के कारण ट्रांसफार्मर में आग लग गई थी। इससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। उनके अनुसार ट्रांसफार्मर को दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए करीब एक माह पहले स्लिप तैयार करने का काम पूरा हो गया था, लेकिन अब तक इसे स्थानांतरित नहीं किया गया।
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अधिकारी बोले
ठेकेदार की लापरवाही के चलते काम में देरी हुई है। ठेकेदार को काम जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
-एनके चौधरी, मुख्य अभियंता, निर्माण विभाग

टीम को भेजकर सर्वे कराया जाएगा। समस्या होने पर जल्द से जल्द समाधान कराया जाएगा।
-बृजेश कुमार, मुख्य अभियंता, ऊर्जा निगम जोन तीन
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