गाजियाबाद। क्षेत्रीय गन्ना किसानों के लिए राहतभरी खबर है। मोदी शुगर मिल 31 अक्तूबर से अपने नए पेराई सत्र का शुभारंभ करने जा रही है। बीते वर्ष की तुलना में इस बार सत्र एक दिन पहले शुरू हो रहा है। पिछले साल मिल का संचालन 1 नवंबर से शुरू हुआ था। पेराई सत्र को सुचारु रूप से चलाने के लिए मिल प्रबंधन ने मेंटेनेंस और ओवरहालिंग समेत सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
28,500 हुई किसानों की संख्या, रकबे में 500 हेक्टेयर की कमी
जिला गन्ना अधिकारी के अनुसार, इस बार मिल से जुड़े कुल किसानों की संख्या 28,500 हो गई है। पहले यह संख्या 28,000 थी, जिसमें इस बार 500 नए किसान जुड़े हैं। हालांकि, दूसरी ओर गन्ने के कुल रकबे में 500 हेक्टेयर की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे वर्तमान में क्षेत्र में कुल रकबा घटकर करीब 21,000 हेक्टेयर रह गया है।
पर्याप्त गन्ने की आपूर्ति बनी रहेगी चुनौती
क्षेत्र में पिछले एक महीने से गन्ना क्रेशर संचालित हो रहे हैं, जिसके कारण गन्ने का काफी क्षेत्रफल पहले ही कम हो चुका है। ऐसे में इस बार पेराई सत्र के दौरान मिल के सामने पर्याप्त गन्ने की उपलब्धता और सुचारु पेराई बनाए रखना एक महत्वपूर्ण बिंदु रहेगा।
पर्चियों का वितरण शुरू, तैयारियां अंतिम चरण में
सत्र के पहले दिन से ही गन्ने की तोल और आवक बिना किसी बाधा के जारी रखने के लिए किसानों को पर्चियां उपलब्ध कराने का काम शुरू कर दिया गया है। 31 अक्तूबर को पेराई सत्र के औपचारिक उद्घाटन और पूजन कार्यक्रम की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।
किसानों के हित को प्राथमिकता देते हुए 31 अक्तूबर से पेराई सत्र शुरू किया जा रहा है। मिल में मेंटेनेंस का काम पूरा हो चुका है और किसानों को पारदर्शी तोल व समय पर पर्चियां उपलब्ध कराने की पूरी व्यवस्था की गई है।
-डीडी कौशिक, महाप्रबंधक (पीआर), मोदी शुगर मिल