गाजियाबाद। होली पर घर जाने वालों की रविवार को स्टेशनों पर काफी भीड़ रही। अलीगढ़, इटावा, बरेली, मेरठ, कानपुर, आगरा समेत आसपास के जिलों के लोगों की भीड़ सबसे ज्यादा रही। दोपहर करीब एक बजे गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर जैसे ही गोमती एक्सप्रेस पहुंची यात्रियों की भीड़ टूट पड़ी। इटावा के लिए निकलीं नोएडा की सुमन भी ट्रेन में चढ़ने के लिए जद्दोजहद करने लगीं। बच्चे तो भीड़ के साथ किसी तरह डिब्बे में घुस गए लेकिन धक्कामुक्की के बीच वह ट्रेन में सवार नहीं हो सकीं और ट्रेन छूट गई।
उन्होंने दौड़ लगाई लेकिन लोगों ने उन्हें चढ़ती ट्रेन पर न चढ़ने के लिए रोक लिया। बच्चों से बिछड़ जाने के बाद वह चिंतित हो गईं। मौके पर पहुंचे आरपीएफ के जवानों ने जानकारी के बाद बच्चों का नंबर मिलाया लेकिन बात नहीं हो सकी। पूछताछ में महिला ने अपना नाम सुमन बताया। उन्होंने बताया कि वह होली पर घर जाने के लिए ट्रेन पकड़ने आईं थीं। भीड़ होने की वजह से वह ट्रेन में चढ़ नहीं पाईं।
प्लेटफार्म पर जगह फुल होने पर ट्रैक पर बैठकर किया इंतजार
प्लेटफार्म पर भीड़ ज्यादा होने के बाद कई यात्री ट्रैक पर जाकर बैठ गए। आरपीएफ के जवानों ने मौके पर जाकर उन्हें हटाया।
सीट पाने के लिए यात्रियों में हुई धक्कामुक्की, गेट पर लटककर किया सफर
होली का त्योहार मनाने निकले यात्रियों की भीड़ के सामने रविवार को रोडवेज बस अड्डे पर भी यात्रियो की भीड़ रही। रोडवेज डिपो पर बसों की कमी और ट्रेन में जगह नहीं मिलने पर लोगों ने प्राइवेट वाहनों से सफर किया। बसों में चढ़ने के लिए लोग धक्कामुक्की करते नजर आए, हालात ये थे कि लोगों ने खिड़की के सहारे बसों में सीट ली। शाम के समय दिक्कत ज्यादा बढ़ गई। आसपास के जिलों में जाने वाले यात्री परेशान रहे। सबसे ज्यादा समस्या मेरठ और बुलंदशहर की ओर जाने वाले यात्रियों को हुई।
रोडवेज के पूछताछ केंद्रों पर बसों के संचालन के बारे में यात्रियों को जानकारी नहीं दी गई। इससे मुश्किलें और बढ़ गई। जबकि विभाग की ओर से समय से बसों के संचालन किए जाने का दावा किया गया था। दावा भी हवा-हवाई निकला। शाम को पुराना गाजियाबाद से चलने वाली कुछ बसों में चालक और परिचालक अपने हिसाब से छोटी दूरी तक ही वाहन ले जाने की बात करते रहे। सिटी और नया गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर जीआरपी, आरपीएफ ने संयुक्त चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान संदिग्ध यात्रियों के सामान की जांच कर संदिग्ध वस्तु की पहचान कराई लेकिन ऐसा कुछ नहीं मिला।
रेलवे की ओर से यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। किसी तरह की अप्रिय घटना न हो इसको देखते हुए आरपीएफ और जीआरपी के जवानों को मुस्तैद रहने के लिए कहा गया है।
कुलदीप त्यागी, स्टेशन अधीक्षक, सिटी स्टेशन
-
त्योहार के समय लोग बड़ी संख्या में अपने घर की ओर निकलते हैं। इस कारण कई जगहों पर जाम की स्थिति बन गई, जिससे बसों के परिचालन में देरी हुई। त्योहार के बाद वापस लौटने वाले यात्रियों को कोई परेशानी न हो इसके लिए और अतिरिक्त बसों का संचालन किया जाएगा।
एनके वर्मा, एआरएम, गाजियाबाद