पांच दिन पहले गायब हुए युवक अगवा नहीं किया गया था, बल्कि 10 लाख रुपये कर्ज होने पर वह खुद ही गायब हो गया था। मसूरी पुलिस ने उसे बरामद कर यह खुलासा किया है। 27 अक्तूबर को इंद्रगढ़ी से हितेश चौहान (28) गायब हो गया था। वह हलवाई का काम करता था।
28 अक्तूबर को उसके परिजनों ने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी, जिसमें अपहरण का अंदेशा जताया गया था। पुलिस ने उसके एक दोस्त को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ भी की थी, मगर उसका सुराग नहीं मिल सका था। मसूरी एसओ ने हरिदयाल यादव ने बताया कि पुलिस ने हितेश के मोबाइल को सर्विलांस पर लगाया हुआ था।
पहले उसकी लोकेशन राजस्थान की आ रही थी। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे जैसे ही उसके मोबाइल की लोकेशन संजयनगर सेक्टर-23 आई, पुलिस ने उसे बरामद कर लिया। पुलिस ने उससे गायब होने का कारण पूछा तो उसने बताया कि उस पर करीब 10 लाख रुपये का कर्ज है। कर्जदारों से बचने के लिए वह खुद ही गायब हो गया था।
वह घर से 80 हजार रुपये लेकर लेकर आया था। संजयनगर में किराए पर कमरा लेकर रह रहा था। 28 अक्तूबर को वह राजस्थान के मेहंदीपुर बालाजी गया था। सुबह ही वह वहां से लौटा है।