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वीवीआईपी ग्रुप के ठिकानों पर इनकम टैक्स की सर्च

Fri, 04 Nov 2016 12:54 AM IST
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
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अन्य - फोटो : अमर उजाला
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आयकर विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार को विभोर वैभव इंफ्रा होम प्राइवेट लिमिटेड (वीवीआईपी) बिल्डर के निवास के अलावा गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा और दिल्ली स्थित दफ्तरों और प्रोजेक्टों पर एक साथ सर्च अभियान चलाया। इस दौरान टीम ने विभिन्न स्थानों से कई अहम दस्तावेज जब्त किए हैं।
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माना जा रहा है कि विभाग ने यह कार्रवाई आय से कम टैक्स जमा किए जाने की आशंका के चलते की है।गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में वीवीआईपी ग्रुप का प्रोजेक्ट है। इसके अलावा ग्रेटर नोएडा वेस्ट में भी वीवीआईपी मेराडियन होम्स प्रोजेक्ट निर्माणाधीन है।

आज सुबह वीवीआईपी ग्रुप के सीएमडी प्रवीन त्यागी के राजनगर सेक्टर-9 स्थित घर, राजनगर एक्सटेंशन स्थित ग्रुप के ऑफिस, चौधरी मोड़ स्थित सेल आफिस व कई अन्य जगहों पर एक साथ सर्च अभियान चलाया। डिपार्टमेंट की कई टीमें एक साथ सुबह करीब 9 बजे ऑफिस और घर पर पहुंची।
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टीमों ने पहुंचते ही सभी परिजनों के साथ नौकरों और स्टाफ के बाहर निकलने पर रोक लगा दी। राजनगर एक्सटेंशन स्थित ग्रुप के ऑफिस पर भी कार्रवाई करते हुए वहां उपलब्ध रिकार्ड और कंप्यूटर आदि को अपने कब्जे में ले लिया।

वीवीआईपी ग्रुप से ही जुडे़ एक व्यक्ति जोकि कविनगर बी ब्लाक में रहते हैं, उनके आवास पर भी आयकर विभाग की टीम ने सर्च अभियान चलाया। बताया जाता है कि यह व्यक्ति पूर्व में जीडीए में तैनात थे। वहां से रिटायर होने के बाद अब वीवीआईपी ग्रुप से जुडे़ हुए थे। सर्च के दौरान किसी के भी अंदर-बाहर आने-जाने पर रोक लगा दी गई थी।

देर रात तक यह सर्च अभियान जारी रहा।उधर आयकर विभाग के इस सर्च अभियान का पता चलते ही शहर के बिल्डर और अन्य बडे़ कारोबारियों में हड़कंप मच गया था। कई बडे़ बिल्डर अपने सीए से सलाह लेते नजर आए। आयकर विभाग का यह सर्च अभियान शहर के लोगों में बीच दिन भर चर्चा का विषय रहा।


विभाग के सर्च अभियान और सर्वे में अंतर
इनकम  टैक्स जब किसी फर्म या कारोबारी के यहां सर्वे करता है तो वह निर्धारित जगह पर किया जाता है। यानी संबंधित व्यक्ति के घर या ऑफिस में। सर्च अभियान व्यापक स्तर पर होता है। इसमें संबंधित व्यक्ति के घर, आवास यहां तक की करीबी दोस्तों व रिश्तेदारों के यहां भी जांच की जाती है। सर्च के दौरान व्यक्ति सहायता के लिए अपना वकील या सीए को भी बुला सकता है।

30 फीसदी ने घोषित की अघोषित आय
आयकर विभाग के मुताबिक, आयकर घोषणा योजना (आईडीएस) के तहत देश में महज 30 फीसदी लोगों ने ही अघोषित आय की घोषणा की है। विभाग के पास जिन लोगों की सूची थी, उसमें से 70 फीसदी लोगों ने अघोषित आय के बारे में विभाग को जानकारी नहीं दी है।
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विभाग ऐसे लोगों के खिलाफ दिसंबर के बाद अभियान चलाएगा और कार्रवाई करेगा। बताया जाता है कि इसमें बिल्डर भी शामिल हैं।
 
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