घरों के आगे रैंप बनाने में मनमानी के साथ ही एनजीटी के आदेशों का उल्लंघन भी किया जा रहा है। आलम यह है कि लोगों ने घरों के बाहर सड़क के किनारों को कंक्रीट बिछाकर पक्का कर दिया।
पर्यावरण एक्सपर्ट्स की मानें तो इस कंक्रीटाइजेशन (पक्का करने से) की वजह से तापमान में एक से दो डिग्री की बढ़ोतरी हो रही है, क्योंकि कंक्रीट की वजह से बारिश का पानी जमीन के अंदर जाने की बजाय बहकर नालियों में पहुंच रहा है।
उधर, एनजीटी के सख्त आदेशों के बाद भी नगर निगम और जिला प्रशासन कंक्रीटाइजेशन को रोक नहीं पा रहे हैं। पर्यावरण के क्षेत्र में काम करने वाली संस्था ‘स्पैन बायो’ के संयोजक आकाश वशिष्ठ की जनहित याचिका पर एनजीटी ने जिला प्रशासन और नगर निगम को आदेश दिया था,
जिसमें शहर के अंदर सड़कों किनारे बिछाए गए कंक्रीट और इंटरलॉकिंग टाइल्स को हटाने का आदेश दिया था। बावजूद इसके खुद नगर निगम सड़क किनारे इंटरलाकिंग टाइल्स लगा रहा है। उधर, शहर के तमाम इलाकों में लोग अपने घरों के सामने कंक्रीट बिछाकर पक्का कर रहे हैं।
एक सप्ताह बाद जीडीए अभियान चलाकर तोड़ेगा रैप
जीडीए ने शहर में बने अवैध रैंप तोड़ने की तैयारी कर ली है। मंगलवार को जीडीए वीसी कंचन वर्मा ने समाचार पत्रों के माध्यम से सार्वजनिक नोटिस जारी किया है, जिसमें लोगों को स्वयं ही रैंप हटा लेने के लिए सात दिन की मोहलत दी है। इस अवधि में रैंप न हटाए गए तो जीडीए का प्रवर्तन दस्ता सभी जोन में रैंप तोड़ने की कार्रवाई करेगा।
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राजनगर आरडब्ल्यूए व पार्षद ने जीडीए के खिलाफ मोर्चा खोला
राजनगर सेक्टर-4 में बिना नोटिस दिए रैंप तोड़ने की कार्रवाई पर राजनगर आरडब्ल्यूए और स्थानीय पार्षद राजेंद्र त्यागी ने जीडीए के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। राजनगर आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष आरके जैन और मंत्री राजीव कुमार शर्मा ने जीडीए को ज्ञापन देकर रैंप तोड़ने की कार्रवाई पर आपत्ति दर्ज कराई है।
उनका कहना है कि जब जीडीए मकान का नक्शा पास करते वक्त खिड़की-दरवाजों की लंबाई-चौड़ाई और उनकी लोकेशन तक देखकर उनकी अनुमति देता है तो फिर रैंप को भी नक्शे में क्यों शामिल नहीं कर दिया जाता।
उनका कहना है कि जीडीए को पहले व्यक्तिगत नोटिस देकर यह बताना होगा कि लोगों के रैंप क्यों गलत बने हुए हैं? और उनका मानक क्या है? इसके बिना वह नया रैंप कैसे बना पाएंगे? साथ ही नक्शा पास करते वक्त बताया जाए कि मकान रोड से कितनी ऊंचाई पर बनाया जाए।
क्योंकि मकान की ऊंचाई पर रैंप की लंबाई भी निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि जीडीए अधिकारियों ने मनमानी की तो इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।