अवैध बूचड़खानों पर यूपी सरकार ने अब और भी कडे़ कदम उठाए हैं। सीएम केआदेश पर अब प्रदेश भर में थाना स्तर पर पशु तस्करों की निगरानी के लिए अलग से डाटा तैयार किया जाएगा। तस्करों के इस डाटा को ‘विलेज क्राइम नोटबुक’ की संज्ञा दी गई है।
सूबे के नवनियुक्त मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद यूपी के मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने सभी जनपदों के डीएम-एसएसपी को आदेश जारी कर दिया है। अवैध पशु कटान को लेकर दोनों अफसरों की अलग-अलग जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है।
‘विलेज क्राइम रजिस्टर’ में उन लोगों का पूरा नाम-पता दर्ज किया जाएगा, जो पशु तस्करी में पहले से लिप्त हैं या जिन पर मुकदमा चल रहा है।शासनादेश में डीएम को आदेशित किया गया है कि वह अपने जिले में स्थित पशु वधशालाओं का अधिकृत अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से निरीक्षण कराना सुनिश्चित कराएं।
अवैध कटान होता पाए जाने की स्थिति में तत्काल आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। शासनादेश में कहा गया है कि अवैध रूप से पशुओं के कटान से कानून एवं शांति व्यवस्था के साथ ही सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका बनी रहती है।
इसके साथ ही सभी एसएसपी की जिम्मेदारी तय करते हुए कहा गया है कि सभी थानेदार अपने क्षेत्रों में लगने वाले पशु मेले में दुधारू पशुओं की खरीद-फरोख्त पर विशेष रूप से नजर रखेंगे। प्रदेश की सीमा से जुडे़ अन्य राज्यों के ऐसे मार्गों पर भी कड़ी निगरानी रखने के निर्देश हैं, जहां से पशु तस्करी होने की आशंका है।
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