गाजियाबाद। इन दिनों पुलिस लाइंस में कंप्यूटर ऑपरेटर पुलिसकर्मियों की एफसीएल की ट्रेनिंग चल रही है। इसमें कंप्यूटर ऑपरेटर को साइबर क्राइम को रोकने संबंधी ट्रेनिंग दी जा रही है।
गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, ग्रेटर नोएडा, बागपत, शामली और मेरठ के कंप्यूटर ऑपरेटर्स की इन दिनों हरसांव स्थित पुलिस लाइंस में पिछले 20 दिनों से एक माह की ट्रेनिंग चल रही है।
सूत्रों के अनुसार इस ट्रेनिंग में ऑपरेटर्स को फॉरंसिक साइंस की ट्रेनिंग की दी जा रही है। ऑपरेटर्स को पढ़ाया जा रहा है कि अगर उन्हें कंप्यूटर वर्किंग से अलग किस तरह से पुलिस विभाग में काम करना है।
ऑपरेटर्स को बताया गया कि जब वह किसी घटनास्थल पर होंगे और वहां फंदा लगे शव को देखेंगे तो कैसे पता लगाएंगे कि मृतक ने आत्महत्या की है या उसको किसी ने मारकर लटकाया है।
इसके अलावा तमंचे, पिस्टल और बंदूक की गोलियों के बारे में उन्हें जानकारी दी गई है। साथ ही फ्रिंगर प्रिंट, फोटो और अन्य कई फोरेंसिक काम के बारेे में उन्हें बताया गया है। एक अधिकारी ने बिना नाम लिखने की शर्त पर बताया कि अगले और अंतिम सप्ताह में कंप्यूटर ऑपरेटर्स को बढ़ते हुए साइबर सेल से की जानकारियां दी जाएंगी। साथ ही बताया जाएगा कि वह उसके खिलाफ कैसे काम करें। आरआई रामवीर सिंह ने इस तरह की किसी ट्रेनिंग की बात से मना किया है।
हैदराबाद, बंगलूरू-दिल्ली से आएगी साइबर सेल की टीम
सूत्रों के अनुसार अगले सप्ताह गाजियाबाद पुलिस लाइंस में हैदराबाद, बंगलूरू और दिल्ली से एक साइबर सेल एक्सपर्ट की टीम आएगी। जो अमरीका, फ्रांस और जर्मनी जैसे देशों की तर्ज पर वेस्ट यूपी के पुलिसकर्मियों को साइबर सेल की ट्रेनिंग देंगे।
एटीएम से रुपये उड़ाने वाले ठगों को पकड़ेगी पुलिस
एक पुलिसकर्मी ने बताया कि अगले सप्ताह होने वाली ट्रेनिंग उनके लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि इस ट्रेनिंग में उन्हें साइबर ठगों को पकड़ने की क्लास दी जाएगी, जिससे वह ठगी को रोक सकेंगे। साथ ही फेसबुक, व्हाट्सएप और ट्विटर जैसी सोशल साइट द्वारा होने वाले क्राइम पर भी आसानी से अंकुश लग पाएगा।