छबीलदास स्कूल के ही ‘थ्री इडियट्स’ ने स्कूल में कॉल कर बम होने का धमाका किया था। खास बात यह है कि यह धमाका इन्होंने छात्राओं को इंप्रेस करने के लिए किया। स्मार्टवॉच के माध्यम से क्लास में ही बैठे-बैठे इंटरमीडिएट के इन छात्रों ने स्कूल में बम रखे होने की झूठी सूचना देकर हड़कंप मचा दिया।
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शाम को आरोपियों ने स्मार्टवॉच को अपने घर के पास ही एक गड्ढे में फेंक दिया, जिसे पड़ोस में ही रहने वाले एक अन्य छात्र ने बाद में उठा लिया था। सर्विलांस के जरिए पुलिस ने चारों आरोपियों को धर दबोचा। हालांकि माफी मांगने के बाद पुलिस ने मुचलका भरवाकर चारों को थाने से ही छोड़ दिया।
एसपी सिटी सलमान ताज ने बताया कि पकडे़ गए चारों छात्रों की उम्र 16-17 साल है। 2700 रुपये में एक छात्र ने स्मार्टवॉच खरीदी थी। दूसरे छात्र ने घर में रखा सिमकार्ड लाकर उसे दिया था। छात्रों ने छात्राओं से कहा था कि वह स्कूल की छुट्टी करवा सकते हैं।
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स्मार्ट वॉच से ही की थी बम होने की झूठी कॉल
इसी वॉच से की थी कॉल
- फोटो : अमर उजाला
छात्राओं को यह बात मजाक लगी तो उन पर इंप्रेशन जमाने के लिए आरोपियों ने बम होने की फर्जी सूचना स्कूल प्रशासन को स्मार्टवॉच से ही कॉल करके दी। आवाज पहचान में न आए इसके लिए स्पीकर पर रुमाल रख लिया था और लड़की की आवाज बनाने की भी कोशिश की गई थी।
पहली कॉल पर स्कूल प्रशासन हरकत में नहीं आया तो आरोपियों ने दस मिनट बाद ही दूसरी कॉल की। एसपी सिटी ने बताया कि स्कूल ब्वॉयज की इस हरकत के बारे में क्लास के अन्य बच्चों को भी जानकारी थी, लेकिन पकडे़ जाने के डर से क्लासमेट्स ने स्कूल प्रबंधन को जानकारी नहीं दी।
सर्विलांस से पुलिस ने आरोपियों को ट्रेस किया। पकडे़ जाने पर आरोपियों ने पुलिस से माफी मांगते हुए कहा कि ‘ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी’। पुलिस ने छात्रों के भविष्य को देखते हुए उन्हें सख्त चेतावनी देकर और मुचलका भरवाकर छोड़ दिया है।
गड्ढे से स्मार्टवॉच उठाने में ही फंस गया चौथा स्टूडेंट्स
- फोटो : अमर उजाला
परिजनाें और स्कूल प्रबंधन को सूचना दी गई है। इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइस को स्कूल में ले जाने से रोकने के लिए एसपी सिटी ने शहर के सभी स्कूल संचालकों से अपील की है।
सीओ मनीष मिश्रा ने बताया कि घर जाकर आरोपी छात्रों ने स्मार्टवॉच को पास ही एक गड्ढे में फेंक दिया था। पड़ोस में ही रहने वाले उनके एक अन्य साथी ने इसे गड्ढे से उठा लिया और बंद करके रख लिया।
शाम सात बजे लोकेशन ट्रेस होने पर पुलिस गड्ढे में चेकिंग करने पहुंची लेकिन वहां कुछ नहीं मिला। गड्ढे में पुलिस को कुछ तलाशते देखा तो चौथा छात्र डर गया। उसे लगा कि शायद वह बम उठा लाया है। पुलिस के चले जाने के बाद वह स्मार्टवॉच को गड्ढे में ही फेंक आया।
हालांकि कुछ देर बाद दोबारा जाकर उसने फिर से स्मार्टवॉच को उठा लिया। इसके बाद जैसे ही उसने स्मार्टवॉच को ऑन किया, वैसे ही पुलिस ने उसे ट्रैस कर लिया। सभी आरोपी छात्र मिडिल क्लास फैमिली से हैं। इनमें से एक के पिता की मौत हो चुकी है, दूसरे के पिता बीमार हैं। परिजनों ने भी इन छात्रों को थाने में ही जमकर लताड़ लगाई।
एसपी सिटी ने बताया कि आरोपी छात्र पढ़ाई में एवरेज स्टूडेंट्स हैं। छात्राओं पर इंप्रेशन जमाने के लिए वह पहले भी हरकत कर चुके हैं। स्कूल में बम की फर्जी सूचना देकर छुट्टी कराने का आइडिया उनके दिमाग में एक क्राइम सीरियल देखने से आया था।
स्कूल पहुंचाए नौनिहाल, मगर दहशत रही बरकरार
छबीलदास पब्लिक स्कूल में बम की अफवाह के अगले दिन बुधवार को जब स्कूल खुला तो कई स्टूडेंट्स नहीं आए। स्टूडेंट्स अपने अभिभावकों के साथ केवल बैग लेने पहुंचे। स्कूल प्रिंसिपल सुंगधावली ने बताया कि सुबह के वक्त गेट पर टीचर्स भी मौजूद रहे।
असेंबली हुई और सभी स्टूडेंट्स ने क्लास अटेंड की। प्रत्येक क्लासरूम में स्टूडेंट्स की उपस्थिति भी करीब 90 प्रतिशत रही। कुछ अभिभावक ऐसे भी आए, जिन्होंने अपने बच्चों का बैग लिया और चले गए।
स्कूल प्रबंधन की ओर से उन पर कोई दबाव नहीं बनाया गया। उन्होंने कहा कि स्कूल में सुरक्षा और बढ़ाई जाएगी। प्रत्येक बिल्डिंग और फ्लोर पर सीसीटीवी कैमरे के साथ मेटल डिटेक्टर लगाया जाएगा।
क्या कहते हैं अभिभावक
दादी ने स्कूल जाने से मना कर दिया इसलिए सिर्फ बैग लेने आए हैं। स्कूल में बम होने की सूचना के बाद घर के बाकी सदस्य काफी घबराए हुए थे। इसलिए बेटे को स्कूल से छुट्टी कर दी। - सचिन बहल, विजयनगर
बच्चों के लिए डर तो बना ही रहता है। बम की सूचना अफवाह थी, लेकिन यदि वह सच में घट जाती तो क्या होगा। इसलिए कुछ दिनों तक बच्चों को स्कूल नहीं भेजा जाएगा। - प्रीति, राजनगर एक्सटेंशन
घटना के बाद स्कूल में सुरक्षा और बढ़ाई जानी चाहिए। जब बच्चे सुरक्षित रहेंगे तो अभिभावक भी चिंतामुक्त रहेंगे। - दीपक सिंह, न्यू आर्य नगर