नगर निगम की लिफ्ट में मंगलवार को चार फरियादी फिर फंस गए। ग्राउंड फ्लोर से तीन-चार फीट ऊपर आकर लिफ्ट रुक गई। लिफ्ट में फंसे लोगों ने अंदर से दरवाजों को पीटकर शोर मचाया तो लोगों का ध्यान उस तरफ गया। करीब 10 मिनट बाद उन्हें बाहर निकाला जा सका। इससे पहले भी नगर निगम की यह लिफ्ट कई बार फंस चुकी है।
वाकया मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे का है। नगर निगम मुख्यालय की लिफ्ट संख्या-एक से चार फरियादी अपनी शिकायत देकर नीचे आ रहे थे। इनमें पटेल नगर निवासी हरकेश और विजयनगर निवासी राजेश भी शामिल थे। उनके मुताबिक नीचे आते वक्त लिफ्ट से किसी लोहे के पार्ट के रगड़ने की आवाज आ रही थी। ग्राउंड फ्लोर पर पहुंचने से पहले ही लिफ्ट रुक गई।
बीच में रुकने की वजह से लिफ्ट के दरवाजे नहीं खुल सके। उन्होंने बताया कि कुछ देर तक वह लिफ्ट के दोबारा चालू होने का इंतजार करते रहे, लेकिन लिफ्ट नहीं चली तो उन्होंने शोर मचाया। करीब 10 मिनट बाद लोगों ने निगम कर्मचारियों को सूचना दी और लिफ्ट को खोलकर उन्हें बाहर निकाला गया।
मेंटेनेंस के नाम पर हो रहा ‘खेल’
नगर निगम में लिफ्ट की मेंटेनेंस के नाम पर बड़ा खेल हो रहा है। तीन लिफ्ट की मेंटेनेंस के नाम पर हर माह नगर निगम से 30 से 40 हजार रुपये का भुगतान हो रहा है। जबकि इनका मेंटेनेंस नहीं किया जा रहा है। मंगलवार को फंसी लिफ्ट नंबर-एक एक माह से बंद थी। मंगलवार को ही इसे चालू किया गया था और चालू होने के थोड़ी देर बाद ही यह अटक गई।
मेयर बोले
लिफ्ट बार-बार फंसने की शिकायत मिल रही है। इसकी जांच कराई जाएगी। एक लिफ्ट को नए सिरे से तैयार कराकर उसमें शीशे के दरवाजे लगवा दिए गए हैं, ताकि लिफ्ट फंसने की स्थिति में लोग बाहर से मदद मांग सके। बाकी लिफ्ट को भी इसी तर्ज पर बनवाया जाएगा। - अशु वर्मा, महापौर