बैंकों के ड्राप बॉक्स में अब चेक भी सेफ नहीं
ज्ञान खंड-1 निवासी एक ट्रांसपोर्टर द्वारा दिए चेक पर रकम बढ़ाकर ठगों ने बड़ी रकम कैश करा ली। पीड़ित ने क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए प्रोसेसिंग फीस के रूप में 500 रुपये का चेक दिया था, जिसे ठगों ने 45 हजार रुपये का बना डाला।
मोबाइल पर मैसेज आने के बाद ट्रांसपोर्टर को ठगी का पता चला। बैंक से जानकारी करने पर पता चला कि चेक के जरिए रकम निकाली गई है, जिसके बाद ट्रांसपोर्टर ने पुलिस में शिकायत की। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
ज्ञान खंड-1 में सत्यानंद पाठक परिवार के साथ रहते हैं। उनकी दिल्ली में न्यू धनबाद ट्रांसपोर्ट कंपनी है। कई दिनों से उनके मोबाइल पर एक प्राइवेट बैंक की ओर से क्रेडिक कार्ड बनाने के लिए कॉल आ रही थी, जिस पर उन्हें क्रेडिट कार्ड बनाने के लिए हामी भर दी।
इसके बाद बैंक के एग्जीक्यूटिव के रूप में एक व्यक्ति उनसे मिला और 500 रुपये की प्रोसेसिंग फीस मांगी, जिस पर उन्होंने चेक काटकर दे दिया। मंगलवार को करीब 11 बजे उनके मोबाइल पर बैंक से मैसेज आया कि उनके अकाउंट से 45 हजार रुपये निकाले गए हैं।
बैंक से पता करने पर जानकारी मिली कि पैसे उसी चेक से निकाले गए हैं, जो उन्होंने दिए थे। ठगों ने 500 रुपये के चेक को 45 हजार रुपये का बनाकर कैश करा लिया। बाद में सत्यानंद ने बैंक पर लापरवाही का आरोप लगाया और थाना इंदिरापुरम में शिकायत दी है। एसएचओ ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।