फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तेवतिया हमला प्रकरण:मुझे भी था जान का खतरा,जिम तक होता था पीछा

Thu, 01 Sep 2016 01:02 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
विज्ञापन
ब्रजपाल तेवतिया - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
भाजपा नेता ब्रजपाल तेवतिया हमला प्रकरण में मनीष ने कई और राज उगले हैं। सूत्रों के मुताबिक, मनीष ने बताया है कि उसे भी जान का खतरा था। वह जिम जाता था तो एक अज्ञात व्यक्ति उसका पीछा करता था।
विज्ञापन


सूत्रों की मानें तो मनीष से पता चला है कि हमले की साजिश में 17 लोग शामिल थे, जिनमें से आठ को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है जबकि नौ लोग भागे हुए हैं। उसने इस हमले के पीछे हसनपुरिया की पत्नी और किसी सफेदपोश की भूमिका से इंकार किया है।

वारदात में नौ असलहे इस्तेमाल किए गए थे, जिनसे करीब 55-60 राउंड फायर किए थे। एके-47 उसके पिता के पास कहां से आई थी, उसे इसकी जानकारी नहीं है। सूत्रों का कहना है कि मनीष से पुलिस को मनोज और संसार के बारे में भी अहम सुराग मिले हैं। जल्द ही दोनों पुलिस की गिरफ्त में हो सकते हैं। पुलिस ने उन पर शिकंजा कस दिया है।
विज्ञापन


मनीष और बब्बल को रिमांड पर लेगी पुलिस
मुरादनगर पुलिस मनीष और बब्बल को रिमांड पर लेगी। दोनों को तीन दिन रिमांड पर लेने के लिए पुलिस ने कोर्ट में अर्जी लगाई है। रिमांड पर पुलिस इनसे और कई सुराग तलाशने की कोशिश करेगी। साथ ही कई असलहे और मोबाइल अभी बरामद किए जाने बाकी हैं।

जेल गया मनीष
मुरादनगर पुलिस ने बुधवार को मनीष को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे डासना जेल भेज दिया गया। बता दें कि मनीष को एसटीएफ ने मंगलवार को गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें