फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पड़ोसी के घर पर बंद ताला देख गहराया शक

Sat, 10 Jun 2017 11:20 PM IST
ब्यूरो , अमर उजाला साहिबाबाद
विज्ञापन
बंद ताला देख - फोटो : demo pic
विज्ञापन

विज्ञापन
शहीद नगर में समीर की हत्या के मामले में परिजनों को पड़ोसी अब्बास के घर में ताला लटका देखकर उस पर शक हुआ। उन्होंने अब्बास के घर के बाहर लगे बोर्ड पर लिखे तीन मोबाइल नंबरों पर फोन किया तो फोन भी बंद मिले। इस पर शक और गहरा गया। समीर के परिजन शहीद नगर चौकी पहुंचे और पुलिस को अब्बास के घर की जांच कराने की मांग की।

कई थाने की फोर्स मौके पर पहुंची और घर की तलाशी ली तो बच्चे का शव एक गत्ते में गड्ढे में दबा हुआ मिला। पड़ोसियों ने बताया कि अब्बास 40 साल में कभी भी घर बंद कर बाहर नहीं गया था।मृतक के चाचा गुफरान ने बताया कि वह, उस्मान और दो पुलिस कर्मी अब्बास के घर में गए और पहले कमरे में ही गत्ता बनाने की एक पुरानी मशीन के पास टूटा हुआ फर्श देखा।
विज्ञापन


इस पर उन्हें शक हुआ तो गुफरान ने गत्ता हटाकर मिट्टी खोदना शुरू किया। वहां से बदबू आ रही थी। खोदने के दौरान चार फीट गहरे और ढाई फीट चौड़े गड्ढे में एक गत्ते में समीर का शव बरामद हुआ था। उन्होंने बताया कि समीर के हाथ-पैर टूटे हुए थे और बंधे हुए भी थे जबकि मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था। शव में कीड़े लगे हुए थे और बहुत तेज बदबू आ रही थी।

घर से शव बरामद होते ही लोगों में चीख पुकार मच गई। मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने हालात पर काबू पाया और घटना से आक्रोशित लोगों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया।       

धीरे-धीरे फरार हो गए परिवार के लोग
पड़ोस में रहने वाले राशिद ने बताया कि अब्बास चौधरी का परिवार करीब 40 साल से यहां रह रहा है। अब्बास, पत्नी जन्नती या उसके परिवार का कोई भी सदस्य पड़ोसियों से कोई मतलब नहीं रखता था। 7 जून को थाने में समीर की गुमशुदगी दर्ज होने के बाद पुलिस की सख्ती बढ़ी तो अब्बास, जन्नती और परिवार के लोग टेंशन में दिखने लगे थे।

इसी बीच मौका पाकर अब्बास तो भाग गया था मगर जन्नती बेटों के साथ रह रही थी। शुक्रवार दिन में पुलिस टीम जन्नती और परिजनों से पूछताछ कर लौट गई तो इसके बाद जन्नती भी तीनों बेटों के साथ रात में फरार हो गई।       

कालोनी के घरों में नहीं जले चूल्हे      
समीर की हत्या की सूचना मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया। समीर की मां का रो रोकर बुरा हाल हो रहा था। कालोनी के लोगों में समीर की मौत से मातम छा गया। इसके चलते लोगों के घरों में शाम को चूल्हे तक नहीं जले। इमरान के घर लोगों का तांता लगा रहा।       

कालोनी के लोगों का चहेता था समीर        
इमरान के पिता नियाज अहमद ने बताया कि समीर का व्यवहार काफी मिलनसार था। वह कालोनी के सभी घरों में आता जाता था। उसे कालोनी के सभी लोग काफी पसंद करते थे। जिस भी दिन वह किसी घर में खेलने नहीं पहुंचता तो लोग उसका हाल चाल जानने घर पहुंच जाते थे। वह कालोनी के लोगों का चहेता था।       
विज्ञापन

-
फारेंसिक टीम ने मौके से लिए नमूने      
शव बरामद होने के बाद फॉरेंसिक टीम भी  घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल से नमूने एकत्र किए। इस दौरान टीम ने मिट्टी खोदने के लिए प्रयोग किया गया कुदाल बरामद किया है।       

टाइम लाइन      
9 बजे घर के बाहर एकत्र लोगों ने अब्बास के घर पर ताला लटका देखा      
9.30 बजे काफी संख्या में लोग शहीद नगर चौकी पहुंचे और पुलिस से अब्बास के घर की तलाशी लेने की मांग की      
12 बजे के बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा      
1 बजे खुदाई शुरू की गई     

1.30 बजे समीर का शव बरामद किया गया      
3 बजे एसडीएम एसपी सिंह मौके पर पहुंचे और परिजनों से मिले      
3.15 बजे फारेंसिक टीम ने मौके से नमूने लिए
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें