राजेंद्र नगर सेक्टर-3 स्थित स्कूल से मां के साथ लौट रहे तीन साल के मासूम को रईसजादे ने कार बैक करने के दौरान रौंद दिया। हादसे के बाद आरोपी कार चालक भाग गया। लोगों ने बच्चे को पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस ने कार चला रहे 12वीं के छात्र को गिरफ्तार कर कार बरामद कर ली है।नवीन पार्क निवासी जसविंदर सिंह करोल बाग मार्केट में कार एयर कंडिशनर का काम करते हैं।
शनिवार दोपहर करीब पौने एक बजे उनकी पत्नी नीतू बेटे जसमीत उर्फ लवली (3) को लेकर राजेंद्र नगर सेक्टर-3 स्थित एबीसी स्कूल से पैदल ही घर लौट रही थीं। स्कूल से चंद कदमों की दूरी पर बैक करते हुए युवक ने जसमीत को रौंद दिया। कार की टक्कर लगने से नीतू भी गिर गईं। इस दौरान युवक कार लेकर फरार हो गया।
पास ही दूसरी कार लेकर खड़े युवक ने जसमीत को अंबे अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने पास ही लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच की तो उसमें कार जाती दिखाई दी। सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस ने करीब पांच घंटे में आरोपी कार चालक राहुल को गिरफ्तार कर लिया।
एसएचओ साहिबाबाद धीरेंद्र यादव ने बताया राहुल लाजपत नगर का रहने वाला है और 12वीं का छात्र है। उसे गिरफ्तार कर कार को सीज कर दिया गया है।
गर्लफ्रेंड को टशन दिखाने के चक्कर में हुआ हादसा
पुलिस के अनुसार, प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जसमीत के स्कूल के सामने ही खड़ी एक दूसरी कार से एक युवती उतरी थी और राहुल की कार में बैठी थी। युवती के बैठते ही राहुल ने कार के स्टीरियो की आवाज तेज कर दी और तेजी से कार बैक की।
आसपास के लोगों ने शक जताया कि युवती राहुल की गर्लफ्रेंड थी, जिसे टशन दिखाने के चक्कर में उसने तेजी से कार बैक की। स्टीरियो की आवाज तेज होने के कारण उसे बच्चे और मां की चीख नहीं सुनाई दी। पहले बैक करने के दौरान और इसके बाद बायीं ओर मोड़ने के दौरान उसने दो बार जसमीत पर कार चढ़ा दी।
परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर लगाया लापरवाही का आरोप
जसमीत के मामा नवीन ने बताया कि एबीसी पब्लिक स्कूल प्रबंधन ने न तो बाहर कोई बोर्ड लगाया है और न ही स्पीड ब्रेकर बनवाए हैं, जिस कारण यह हादसा हुआ है। आसपास के लोगों ने भी आरोप लगाया कि स्कूल के बाहर ही रोड पर एक गेट है, जो बंद रहता है।
अगर वह गेट बंद होता तो कार चालक उस रोड पर आता ही नहीं और हादसा भी न होता, मगर स्कूल प्रबंधन आरडब्ल्यूए की मांग को दरकिनार करते हुए जबरन गेट खोलता है। हादसे के समय स्कूल के बाहर लगा सीसीटीवी कैमरा भी बंद था।
उधर, प्रधानाचार्या रमनीक तनेजा ने बताया कि पैरेंट्स को आने जाने में दिक्कत न हो, इसलिए वह गेट खोलकर रखते हैं। कार पर कई स्टाइलिश स्टीकर और शीशों पर काली फिल्म चढ़ाकर आरोपी छात्र ने अपने पिता के उपहार को बेहद संजो कर रखा था, मगर उसकी लापरवाही और टशन ने एक मासूम को हमेशा के लिए सुला दिया।
इकलौते बेटे को खोकर नवीन पार्क निवासी पिता जसविंदर और मां नीतू का रो-रोकर बुरा हाल है।जसमीत उर्फ लवली के मामा नवीन ने बताया कि साल 2006 में उनकी बहन नीतू और जसविंदर की शादी हुई थी। शादी के आठ साल बाद 2014 में उनका बेटा जसमीत पैदा हुआ।
कई गुरुद्वारों में मन्नत मांगने के बाद उन्हें यह बेटा नसीब हुआ था। बीती जन्माष्टमी पर जसमीत ने कन्हैया बनने की जिद की तो उन्होंने उसे कन्हैया बनाया। मां ने बताया कि जसमीत दो दिन से मॉल जाने की जिद कर रहा था, मगर मौसम खराब होने के चलते वह उसे लेकर नहीं जा पाए थे।
मौत के बाद करीब तीन घंटे तक मां नीतू जसमीत के शव को गले से लगाए रोती रही। लवली की स्कूल की प्रधानाचार्या रमनीक ने बताया कि तीन माह पहले ही उसका दाखिला स्कूल में प्री नर्सरी क्लास में हुआ था। सुबह से लवली मॉल घूमने जाने की जिद कर रहा था।
- कार पर चढ़ी थी काली फिल्म, नंबर भी स्टाइलिश
आरोपी छात्र ने कार को पूरी तरह मॉडिफाई कर रखा था। नियमों को ताक पर रखकर चारों ओर के शीशों पर काली फिल्म चढ़ाई गई थी। कार का नंबर भी स्टाइलिश है, जो मानकों के विपरीत है। कार के पिछले शीशे पर । पुलिस को आरोपी ने बताया कि कार उसे डैड ने गिफ्ट दी थी।