अब कंट्रोल रूम में बैठकर भी पुलिसकर्मी वाहनों की नंबर प्लेट पढ़ सकेंगे। शहर में 210 हाई रेज्यूलेशन सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। फोर जी मोबाइल नेटवर्क कंपनी रिलायंस जियो अपने मोबाइल टावरों पर यह कैमरे लगाकर सर्विलांस नेटवर्क तैयार करेगी।
इन कैमरों को न केवल सिक्योरिटी में इस्तेमाल किया जाएगा, बल्कि ट्रैफिक संचालन में भी इनका इस्तेमाल होगा।यूपी सरकार के साथ पूर्व में हुए करार रिलायंस जियो कंपनी को यह जिम्मेदारी दी गई थी। कंपनी जहां-जहां मोबाइल टावर लगाएगी, उन पर सीसीटीवी कैमरे लगाकर इनकी कनेक्टिविटी पुलिस कंट्रोल रूम से करेगी।
फिलहाल नोएडा में कंपनी कैमरे लगाने का काम शुरू करने की तैयारी में है। करीब एक महीने में नोएडा में कैमरे लगकर तैयार हो जाएंगे। इसके बाद मई से गाजियाबाद में सीसीटीवी कैमरे लगने की प्रक्रिया शुरू होगी। प्रत्येक मोबाइल टावर पर चार से पांच कैमरे लगाए जाएंगे।
इन कैमरे की पिक्चर क्वालिटी इतनी बेहतर होगी कि जूम करने पर भी तस्वीर की गुणवत्ता खराब नहीं होगी।कालोनियों के बीच कैमरे लग जाने के बाद सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत हो जाएगी। रात के वक्त इन कैमरों के जरिए निगरानी की जा सकेगी। वहीं घटना के खुलासे में भी इनकी मदद ली जा सकेगी।
यही नहीं मुख्य मार्गों पर लगे पोल पर कैमरे लग जाने से ट्रैफिक संचालन भी आसान हो सकेगा। कैमरों के जरिए जाम की सूचना मिल जाएगी। वहीं किसी खास वाहन को ट्रैक करना होगा तो इसमें भी आसानी हो जाएगी। निगम अधिकारियों की मानें तो इन कैमरों से कंट्रोल रूम में बैठे-बैठे किसी भी वाहन की नंबर प्लेट तक पढ़ी जा सकेगी।
फाइबर केबल नेटवर्क तैयार
रिलायंस जियो कंपनी ने सभी मोबाइल टावरों पर लगने वाले कैमरों की कनेक्टिविटी के लिए फाइबर केबल का नेटवर्क तैयार कर लिया गया है। गोविंदपुरम स्थित माडर्न पुलिस कंट्रोल रूम तक केबल का जाल बिछा दिया गया है। अब कैमरे लगने के बाद तत्काल उनका संचालन शुरू कर दिया जाएगा। प्रत्येक कैमरे की कीमत करीब 4 लाख रुपए होगी।
मई महीने से सीसीटीवी कैमरे लगाकर इंस्टाल करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, इसके लिए कंपनी पदाधिकारियों से वार्ता हो चुकी है। कैमरे लगाकर इस सर्विलांस सिस्टम को पुलिस को हैंडओवर कर दिया जाएगा। - संजय सिंह चौहान, अधिशासी अभियंता, नगर निगम