शनिवार से लापता शंकर विहार कालोनी निवासी स्क्रैप कारोबारी यशपाल सिंह का शव रविवार को बंबा रोड श्मशान के पास एक खेत में पड़ा मिला। उसकी हत्या रस्सी से गला घोंटकर की गई थी। शव के पास से कोल्ड ड्रिंक, शराब की खाली बोतल, प्लास्टिक के दो गिलास मिले है।
सीओ सदर, फोरेंसिक टीम और डॉग स्कवायड ने घटनास्थल की जांच की। पुलिस विभिन्न पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।शंकर विहार कालोनी में यशपाल सिंह (48) परिवार सहित रहते थे। वह मूलरूप से शामली के मांलेडी गांव के हैं। वह दिल्ली-गाजियबाद में कॉपर स्क्रैप के कारोबार के अलावा फाइनेंस का भी काम करते थे।
परिवार में पत्नी मिथलेश, बेटा ऋषभ और तीन बेटियां हैं। ऋषभ आईईटी अबूपुर स्थित कॉलेज में बीकॉम द्वितीय वर्ष का छात्र है। ऋषभ ने बताया कि शनिवार शाम करीब सात बजे पिता घर से रेलवे रोड जाने की बात कहकर गए थे। देर रात तक नहीं आने पर उनकी तलाश की गई।
उसने रविवार दोपहर करीब 12 बजे थाने में पिता की गुमशुदगी की सूचना दी। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि बंबा रोड श्मशान के पास गन्ने के खेत में एक व्यक्ति का शव पड़ा है। पुलिस और ऋषभ मौके पर पहुंचे। ऋषभ यशपाल का शव देखकर रोने लगा।
थाना प्रभारी सरताज अहमद ने बताया कि बेटे ऋषभ की तहरीर पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हत्या में किसी परिचित का हाथ
सीओ सदर पवन कुमार का कहना है कि पुलिस को शव के पास से कोल्ड ड्रिंक, शराब की खाली बोतल, प्लास्टिक के दो गिलास, आधार कार्ड आदि मिला है। हालात देखकर पुलिस को लग रहा है कि यहां शराब पी गई थी। ऐसे में पुलिस को हत्या में किसी परिचित का हाथ लग रहा है। गले में निशान मिले हैं।
ऐसे गला घोंटने की आशंका है। हालांकि पुलिस को अभी तक वह रस्सी नहीं मिली है। हत्या के वक्त स्क्रैप कारोबारी ने बचाव के लिए संघर्ष किया था। क्योंकि शव से करीब 10 फीट की दूरी पर मृतक के जूते मिले हैं।
ठेली-पटरी वालों को ब्याज पर देता था रुपया
मृतक यशपाल सिंह के बेटे ऋषभ ने बताया कि उसके पिता कॉपर स्क्रैप कारोबार के अलावा रेलवे रोड पर ठेली-पटरी वालों को ब्याज पर रुपये देेता था। पिता की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी।
रेलवे रोड सीसीटीवी के फुटेज खंगालेगी पुलिस
पुलिस का कहना है कि मृतक शनिवार शाम सात बजे रेलवे रोड पर गया था। रेलवे रोड पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जाएगी कि मृतक अंतिम बार किसके साथ था।