मरीज की मौत के बाद डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने एमएमजी अस्पताल में जमकर हंगामा काटा। आरोप है कि मरीज की हालत गंभीर होने के बाद भी डॉक्टरों ने उसे छुट्टी दे दी और दूसरे दिन आकर इलाज कराने को कहा। मरीज की अस्पताल से घर जाते वक्त मौत हो गई।
परिजनों ने डॉक्टर के खिलाफ शिकायत दी है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।एमएमजी अस्पताल की इमरजेंसी में दोपहर 3:30 बजे के करीब नासिरपुर के रहने वाले प्रदीप कुमार (35) को सीने में दर्द की समस्या के बाद लाया गया था।
इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक ने मरीज की हालत देखकर दवा दी और इंजेक्शन लगाया। उसके बाद मरीज की हालत ठीक बताते हुए उसे घर भेज दिया। परिजनों का कहना है कि घर पहुंचने से पहले ही मरीज की हालत खराब होने लगी थी। वह स्कूटी से भी गिर पड़ा था। उसे पास के एक प्राइवेट क्लीनिक में ले गए।
जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। इसके बाद परिजन शव को एमएमजी अस्पताल लेकर पहुंचे और जमकर हंगामा किया। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत कराया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम केलिए भिजवा दिया।
मृतक प्रदीप के साले सूरज का कहना है कि डॉक्टर ने लापरवाही की और मरीज को गंभीरता से नहीं लिया। वह मूल रूप से मोदीनगर जगतपुरी के रहने वाले हैं और उनके दो बच्चे हैं। वे नगर निगम के एक पार्षद के पास नौकरी करता था।
इस मामले में सीएमएस डा. जेके त्यागी ने बताया कि अस्पताल में जब मरीज आया था तब उसकी सांस फूल रही थी। उसको लाइफ सेविंग इंजेक्शन लगाया था, उसके बाद मरीज को आराम मिल गया था। चिकित्सक ने परिजनों को यह भी बताया था कि मरीज को अभी आराम है और कल आकर वह मरीज की पूरी जांच करा लें।
अस्पताल से मरीज खुद चलकर गया था लेकिन एक घंटे बाद जब दोबारा मरीज लाया गया तब मृत था। एसएचओ कोतवाली लक्ष्मी चौहान ने बताया कि शिकायत लेकर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।