मात्र 251 रुपये में आम आदमी को स्मार्ट फोन देने का सपना दिखाने वाली ‘रिंगिंग बेल्स’ कंपनी के एमडी मोहित गोयल को सिहानी गेट पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। नेहरू नगर के एक डिस्ट्रीब्यूटर की ओर से एफआईआर कराने के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है। आरोपी पंजाब, राजस्थान, दिल्ली, यूपी और हरियाणा राज्यों में ऑनलाइन और ऑफलाइन के जरिए धोखाधड़ी का जाल फैला चुका था।
आरोपी मोहित गोयल मूल रूप से शामली के रेलवे रोड का रहने वाला है। उसके पिता राजेश गोयल छोटी सी पंसारी की दुकान चलाते हैं। वर्तमान में मोहित अपनी पत्नी के साथ इंदिरापुरम के एटीएस टॉवर में रहता है।
सी-204, नेहरू नगर सेकेंड में रहने वाले अक्षय मल्होत्रा ने मोहित और उसके चार पार्टनरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। आयाम इंटरप्राइजेज के मालिक अक्षय ने पुलिस को बताया कि करीब दो साल पहले मोहित ने ही उससे संपर्क कर अपने प्रोडक्ट ‘रिंगिंग बेल्स’ के स्मार्ट फोन का सीएंडएफ बनाने का झांसा दिया था।
इसकी एवज में उन्होंने मोहित को चार बार में 30 लाख रुपये दिए। काफी दिनों तक मोहित ने मोबाइल की सप्लाई नहीं दी। कई बार कहने के बाद करीब आठ लाख कीमत के फोन दिए मगर उनकी क्वालिटी बेहद घटिया थी। ऐसे में उन्होंने मोबाइल वापस कर दिए।
इसके बाद वह लगातार झांसा देता रहा। पिछले कुछ माह उसने भरोसा दिया कि वह जल्द ही पैसा वापस कर देगा मगर उसने सिर्फ एक ही बार अक्तूबर 2016 में सिर्फ पांच लाख ही लौटाए। कुछ मोबाइल, पावर बैंक और एलईडी भी दी।
इसके बावजूद करीब 16 लाख रुपये उस पर बाकी रह गए, जिन्हें देने के लिए वह बार-बार बहाने कर रहा था। हार थक कर अक्षय ने पुलिस का सहारा लिया। सिहानी गेट पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बाद आरोपी मोहित गोयल को उसके इंदिरापुरम स्थित फ्लैट से उठा लिया।
इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कई घंटे समझौते की बात भी चली, मगर सीओ सेकेंड मनीष मिश्रा ने समझौते की बात से इंकार कर दिया। देर रात मोहित को गिरफ्तार कर लिया गया। मोहित की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही हापुड़, लखीमपुर खीरी, आगरा, हरदोई, फिरोजाबाद और शामली से ठगी का शिकार हुए कई डिस्ट्रीब्यूटर्स भी थाने पहुंच गए और पुलिस को अपनी ठगी की बात बताई।
सीओ सेकेंड मनीष मिश्रा के अनुसार बाकी फरार आरोपियों अनमोल गोयल, धारणा गर्ग, अशोक चड्डा और सुमित कुमार की तलाश में दबिश दे रही है। धारणा गर्ग आरोपी मोहित गोयल की पत्नी और अनमोल रिश्तेदार है।
माननीयों के चेहरे दिखाकर की गई करोड़ों की ठगी
‘रिंगिंग बेल्स’ कंपनी के झांसे में लोग ऐसे ही नहीं आए बल्कि उन्हें पूरा सपना दिखाया गया। देश के नामचीन माननीयों के कूट रचित पत्र और कुछ के चेहरे दिखाकर लोगों से करोड़ों की ठगी को अंजाम दिया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिजिटल इंडिया मुहिम का भी सहारा लिया गया और देशभर में करीब 110 डिस्ट्रीब्यटर्स बना लिए गए। ज्यादातर से कंपनी के पांचों पार्टनर खुद ही जाकर मिले।
‘रिंगिंग बेल्स’ के एमडी मोहित गोयल के खिलाफ एफआईआर करने वाले गाजियाबाद नेहरू नगर निवासी अक्षय मल्होत्रा का तो कुछ ऐसा ही कहना है। आयाम इंटरप्राइजेज के मालिक अक्षय मल्होत्रा की मानें तो 251 रुपये में ‘रिंगिंग बेल्स’ मोबाइल फोन के प्रचार-प्रसार से वह खुद काफी प्रभावित थे।
ऐसे ही एक दिन नवंबर 2015 में ‘रिंगिंग बेल्स’कंपनी के एमडी मोहित गोयल, जीएम अनमोल गोयल, धारणा गर्ग और प्रेसिडेंट अशोक चड्ढा उनके आफिस पर आए और अपने 251 रुपये कीमत के मोबाइल की बाबत जानकारी दी। साथ ही यह भी कहा कि वह 2999 में 4जी स्मार्ट फोन भी आम जनता को उपलब्ध कराएंगे।
इसके लिए उन्हें देश भर के विभिन्न शहरों में सीएंडएफ और डिस्ट्रीब्यूटर्स की आवश्यकता है। प्रत्येक डिस्ट्रीब्यूटर्स और सीएंडएफ को तीन से लेकर 12 प्रतिशत तक का फायदा होने की बात भी कही।
अक्षय ने बताया कि इन लोगों द्वारा मौके पर ही कुछ बडे़ नेताओं जैसे मुरली मनोहर जोशी, रक्षामंत्री मनोहर परिकर और सांसद कुशवाहा के विज्ञापन के कूट रचित और भ्रमित प्रपत्र भी दिखाए। आरोपी अपने साथ कुछ मोबाइल सेट भी लेकर आए थे, जिनके कवर के पीछे तिरंगा झंडा छपा था।
इसके बारे में बताया गया कि यह भारत सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान का हिस्सा है। इतना ही नहीं दिल्ली में एक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें मुरली मनोहर जोशी समेत कई राजनीतिक हस्तियां शामिल हुईं।
अक्षय के पिता देवदत्त मल्होत्रा ने बताया कि कंपनी के विज्ञापन से तो वह पहले से ही प्रभावित थे। इसके बाद डिजिटल इंडिया अभियान की बात से वह और भी प्रभावित हो गए। उन्हें एक बार लगा भी था कि आखिर 251 रुपये में कोई मोबाइल कैसे दिया जा सकता है, मगर बाद में यह भी सोचा कि जब कुछ साल पूर्व रिलायंस कंपनी 501 रुपये में आम जनता को मोबाइल दे सकती है।
शायद इसी तर्ज पर अब ‘रिंगिंग बेल्स’ भी मोबाइल की दुनिया में कोई क्रांति लाने वाली है। इसी के चलते उन्होंने 25 दिसंबर 2015 को कंपनी के साथ 30 लाख का एग्रीमेंट किया। यह पेमेंट उन्होंने चार बार में दी।
पहली ही बार में मोहित ने उन्हें 13 लाख कीमत का माल भी दिया। इसी माल में से अन्य डीलरों के यहां भी माल भेजा गया। कुछ मोबाइल खराब भी निकले, जोकि वापस कर दिए गए। बाद में पता चला कि उक्त मोबाइल बहुत ही घटिया क्वालिटी के हैं। इस माल पर कोई गारंटी-वारंटी भी नहीं थी।
अक्षय मल्होत्रा ने बताया कि इसके बाद उन्होंने अपने करीब 16 लाख रुपये वापस मांगे तो आरोपियों ने उन्हें धमकी देना शुरू कर दिया। यहां तक बोला गया कि बार-बार तकादा किया तो पूरे परिवार को जान से हाथ धोना पड़ सकता है।
टेंशन उन्हें तब हुई जब करीब चार माह पूर्व आरोपियों ने नोएडा स्थित अपना आफिस भी बंद कर दिया और लोगों के फोन उठाने भी बंद कर दिए।
आरोपियों पर पुलिस ने लगाई हैं यह धाराएं
पुलिस ने मोहित, अनमोल, धारणा, अशोक चड्ढा और सुमित के खिलाफ आईपीसी की धारा-420, 406, 467, 468, 471 और 120बी के तहत एफआईआर दर्ज की है। इनमें से मोहित को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
कई जिलों के पीड़ित पहुंचे सिहानी गेट थाने
मोहित की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही कई जिलों के वह डिस्ट्रीब्यूटर सिहानी गेट थाने पहुंच गए, जोकि इस ठगी का शिकार हुए थे। इन लोगों ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने उनसे भी कई लाख की ठगी की है।
इनमें हरदोई से आए रितेश गुप्ता ने बताया कि उसके करीब तीन लाख रुपये ठगों ने हड़प लिए। लखीमपुर खीरी निवासी रंजीत ने भी खुद के करीब 4.5 लाख रुपये ठगे जाने की बात पुलिस को बताई। फिरोजाबाद के प्रदीप को करीब पांच लाख, हापुड़ निवासी आसिफ का करीब दस लाख का आरोपियों ने चूना लगाया।