खाद्यान्न वितरण में होने वाली धांधली रोकने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह सख्त है। सभी राशन कार्ड को आधार नंबर से लिंक करने के साथ ही अब हर जिले में राशन दुकानों की खुफिया जांच कराई जा रही है। ऐसे में जिला आपूर्ति विभाग से लेकर राशन डीलरों तक में हड़कंप मचा हुआ है।
वहीं, विभागीय अधिकारियों ने हर हाल में 30 जून तक ई-पास मशीन की व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया है।शासन के निर्देश पर एलआईयू ने जिले में संचालित सभी 486 राशन डीलरों की जांच शुरू कर दी है।
एलआईयू ने शासन आदेश का हवाला देकर कलक्ट्रेट स्थित जिला आपूर्ति कार्यालय से सभी डीलरों के मोबाइल नंबर व उनके स्थायी पते की जानकारी मांगी है। इसी बीच विभाग से जारी राशन कार्ड धारकों की सूची मुहैया कराने को कहा गया है।
बताया जा रहा है कि एलआईयू को राशन की दुकान खुलने का समय और कार्ड धारकों से फीडबैक लेकर शासन को रिपोर्ट भेजनी है। हर महीने की 10 तारीख तक 10-20 डीलरों की जांच रिपोर्ट पुलिस विभाग के माध्यम से शासन को भेजी जाएगी।
एलआईयू को रिपोर्ट में बताना होगा कि दुकान निर्धारित समय पर खुलती या नहीं। सभी राशन कार्ड धारकों को निर्धारित मात्रा में नियमित तौर पर राशन दिया जा रहा है या नहीं। खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की राशन दुकानों पर निरीक्षण की स्थिति कैसी है? उधर, एलआईयू ने विभागीय वेबसाइट से डीलरों की जानकारी जुटाकर छानबीन शुरू कर दी है,
लेकिन पुख्ता रिपोर्ट देने के लिए भी राशन डीलरों के नंबर भी मांगे गए हैं जो वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं हैं। वहीं खाद्य आपूर्ति विभाग ने तय किया है कि जून महीने अंत तक हर राशन दुकान पर ई-पास मशीन की व्यवस्था को अनिवार्य तौर पर लागू कर दिया जाए। इसके बाद एक जुलाई से ई-पास मशीन पर राशन कार्ड धारक को फिंगर देकर ही राशन दिया जा सकेगा।
गौरतलब है कि ई-पास मशीन आधार कार्ड से लिंक है। उसमें जीपीएस भी लगा है, जिसके जरिए विभाग को उम्मीद है कि राशन वितरण में होने वाली गड़बड़ी रुकेगी।