वैशाली सेक्टर-3 स्थित घर में बुधवार को पुलिस ने छापा मारकर बेसमेंट में चल रहे अवैध हुक्का बार से 10 नाबालिगों को दबोचा। पुलिस कार्रवाई से मौके पर हड़कंप मच गया। इसका फायदा उठाकर बार संचालक और उसका सहयोगी फरार हो गया।
पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। वहीं, बाद में काउंसलिंग के बाद सभी नाबालिगों को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।सीओ इंदिरापुरम अनिल कुमार ने बताया कि बुधवार देर शाम सूचना मिली थी कि वैशाली सेक्टर-3 स्थित एक घर में अवैध रूप से हुक्का बार चल रहा है।
पुलिस की टीम ने छापामारी की तो 15 से अधिक युवक और नाबालिगों को हुक्का पीते हुए पकड़ा गया। पुलिस की छापामारी से युवक इधर-उधर भागने लगे। इस दौरान संचालक और हुक्का बार में काम करने वाले कर्मचारी और कुछ युवक पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। मौके से 10 नाबालिगों को हिरासत में ले लिया गया।
सभी नाबालिगों की काउंसलिंग कराई गई, जिसके बाद परिजनों को बुलाकर उन्हें उनके सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस ने बच्चों को चेतावनी दी है कि भविष्य में दोबारा नशा करते हुए पकड़े गए तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीओ ने बताया कि हुक्का बार को सील कर हुक्के जब्त कर लिए हैं। उन्हें जांच के लिए भेजा गया है।
रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी संचालक और सहयोगी की तलाश की जा रही है। जांच में सामने आया है कि किसी मोहित नाम के युवक ने बेसमेंट को किराए पर लिया था।
स्नूकर खिलाने के नाम पर पिलाया जाता था हुक्का
आसपास के लोगों ने बताया कि उन्हें नहीं पता था कि बेसमेंट में हुक्का बार चलता है। उन्हें यही पता था कि यहां स्नूकर खिलाया जाता है। आसपास के लोगों ने बताया कि सुबह से शाम तक 100-150 युवक और किशोर यहां आते थे।
व्हाट्स एप और एफबी के जरिए नाबलिगों को बुलाते थे संचालक
पुलिस जांच में पता चला है कि मॉल और शॉपिंग कांपलेक्स में हुक्का बार पर छापामारी के बाद कुछ संचालकों ने घरों में हुक्का बार खोल लिया है। वह व्हाट्सएप और फेसबुक से हुक्का बार का प्रचार करते थे। सोशल नेटवर्किंग के जरिए ही नाबालिगों को बार की जानकारी दी जाती थी।
हुक्का बार में आने वाले नाबालिग या युवक अपने साथ अन्य छात्रों को लाते थे। बार में नए ग्राहको को एंट्री नहीं दी जाती थी।
हुक्का के फ्लेवर और तंबाकू की होगी जांच
पुलिस ने करीब एक दर्जन हुक्के और तंबाकू की पुड़िया को जब्त कर जांच के लिए भेजा है। सीओ ने बताया कि जांच में अगर प्रतिबंधित नशीला पदार्थ पाया जाता है तो एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।