एचआरसी सोसायटी के एक फ्लैट के सर्वेंट वेरिफिकेशन फॉर्म में राहुल गांधी का फोटो और नाम को सत्यापित किए जाने का मामला अब और उलझता जा रहा है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि अगर फॉर्म में नौकरों ने छेड़छाड़ की है, तो राहुल गांधी की तस्वीर का प्रिंट कहां निकलवाया गया।
उधर सोसायटी के रेजीडेंट्स का कहना है कि पुलिस और आरडब्ल्यूए की लापरवाही में नौकरों को मोहरा बनाया जा रहा है। उधर, आईबी और एलआईयू समेत उच्च स्तरीय कमेटियों ने भी जांच शुरू कर दी है।
फॉर्म में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की जो तस्वीर लगी थी, वह फोटो पेपर पर थी। ऐसे में प्रिंट आउट निकलवाने के लिए किसी न किसी स्टूडियो का सहारा लिया गया होगा। पुलिस उस स्टूडियो की तलाश कर रही है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी आरडब्ल्यूए कर्मचारी राजू और आकाश सिर्फ 10वीं पास हैं। ऐसे में उन्होंने फोटो और नाम आदि के साथ छेड़छाड़ कैसे की, यह भी जांच का विषय है।
सीओ इंदिरापुरम अतुल यादव ने बताया कि जल्द ही फॉर्म के साथ छेड़छाड़ करने वाले आरोपी सलाखों के पीछे होंगे।
- 100 फॉर्म पर एक जैसी मुहर, कौन सी असली-कौन सी नकली
सर्वेंट फॉर्म वेरिफिकेशन में गड़बड़ी के मामले में फेडरेशन ऑफ अपार्टमेंट ओनर एसोसिएशन ने रविवार को अरिहंत हॉरमनी सोसायटी में बैठक की। बैठक में 20 से ज्यादा सोसायटी के पदाधिकारी अपने नौकरों के वेरिफिकेशन फॉर्म लेकर पहुंचे।
उनकी जांच की गई तो पाया गया कि सभी फॉर्म की मुहर उसी मुहर जैसी है, जो राहुल गांधी वाले फॉर्म पर लगी थी। पदाधिकारियों का कहना है कि सभी फॉर्म पर फर्जी मुहर है।
फेडरेशन के अध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि सभी सोसायटीज से करीब 100 फॉर्म सैंपल के तौर पर मंगवाए गए हैं। जिन पर लगी मुहर राहुल गांधी वाले फॉर्म की मुहर जैसी है। ऐसे में एसएसपी से मिलकर सभी फॉर्म की जांच की मांग की जाएगी। अशोक कुमार, रविंद्र सैनी, मोहित मिश्रा, विमल पंचोली, मोहित द्विवेदी, देव जोशी आदि मौजूद रहे।
- ये हैं एओए की मांगें
एओए ऑफिस में नौकर के फिंगरप्रिंट्स लिए जाएं, जिससे गड़बड़ी न हो
फॉर्म के साथ नौकर की लोकल और स्थाई दोनों आईडी लगी हों।
नौकर के स्थाई पते पर भौतिक रूप से जाकर पुलिस जांच करे।
नौकर के फार्म और उसके आईडी की एओए भी जांच कर अपनी जिम्मेदारी सुनिश्चित करे
जिसका वेरिफिकेशन हो वह भी भौतिक रूप से मौजूद रहें