पंजाब की नाभा जेल से छह खूंखार बंदियों के फरार हो जाने के साथ ही गाजियाबाद की डासन जेल की सिक्योरिटी भी बढ़ा दी गई है। यहां न केवल सुरक्षाकर्मियों की संख्या बढ़ा दी गई है, बल्कि बंदियों से मिलाई के लिए आने वाले मुलाकातियों पर भी खुफिया निगाहें रखी जा रही है।
पंजाब की अति सुरक्षित मानी जाने वाली नाभा जेल से रविवार सुबह ताबड़तोड़ फायरिंग के बाद खालिस्तान लिबरेशन फोर्स के छह आतंकियों को उनके साथियों ने फरार करवा लिया था। पुलिस की वर्दी में आए आतंकियों के साथियों ने करीब 100 राउंड गोलियां भी चलाई थीं। इस वारदात के बाद से ही यूपी में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है।
इसके साथ ही दिल्ली से सटे गाजियाबाद में डासना जेल की सिक्योरिटी भी बढ़ा दी गई है। 1750 बंदियों की क्षमता वाली डासना जेल में वर्तमान समय में करीब चार हजार बंदी हैं। इनमें वाराणसी बम कांड का आरोपी वलीउल्लाह भी शामिल है। इसके अलावा पश्चिमी यूपी के भी कई कुख्यात डासना जेल में ही बंद हैं।
जेल अधीक्षक एसपी यादव के अनुसार डासना जेल की सिक्योरिटी पूरी तरह से टाइट कर दी गई है। मेन गेट पर पीएसी के जवान मुस्तैद रहते हैं। इसके अलावा हार्डकोर बंदियों और हाई सिक्योरिटी बैरक में बंद बंदियों से मुलाकात के लिए आने वाले लोगों का भी रिकार्ड रखा जा रहा है।
जेल अधीक्षक ने बताया कि डासना जेल में सुरक्षा के मद्देनजर ही 12 जैमर लगाए जाने का काम शुरू हो गया है। आगामी दस दिन के अंदर यह जैमर काम करने लगेंगे।
----