गाजियाबाद(ब्यूरो)। सदरपुर गांव में प्रॉपर्टी डीलर धीरज (35) की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई, जबकि उनके पिता जगबीर चौधरी गोली लगने से घायल हो गए। हमलावरों की तादाद चार थी। वारदात की वजह की करोड़ों रुपये के लेनदेन का विवाद बताया जा रहा है। इस संबंध में चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
वारदात रविवार रात करीब नौ बजे तब हुई, जब पिता-पुत्र सदरपुर गांव में अपने फार्म हाउस पर बने ऑफिस में टीवी देख रहे थे। तभी चार हथियारबंद बदमाश आए। उन्होंने पत्थर मारकर अंदर से लॉक ऑफिस का शीशा तोड़ा और अंदर घुसकर गोलियां बरसा दीं।
धीरज के शरीर में छह गोलियां लगीं जबकि जगबीर के पैर में तीन। वारदात के बाद हमलावर पैदल ही भाग गए। गोलियों की आवाज सुनकर फार्म हाउस में मौजूद धीरज के चाचा सुंदर दौड़कर आए और लोगों की मदद से घायलों को सर्वोदय अस्पताल ले गए, जहां धीरज को मृत घोषित कर दिया गया।
जगबीर का उपचार चल रहा है। सूचना पर एसपी सिटी, सीओ द्वितीय और कविनगर एसएचओ मौके पर पहुंचे और छानबीन की। एसपी सिटी ने बताया कि वारदात की वजह पैसों के लेनदेन का विवाद है, मृतक के परिजन नामजद रिपोर्ट दर्ज करा रहे हैं।
ऐसा लगता है कि हमलावरों ने कुछ दूरी पर बाइक खड़ी की हुई होगी, जिस पर वह वारदात कर भागे। सुंदर चौधरी ने बताया कि उनके बड़े भाई जगबीर रिटायर्ड कंपनी कर्मचारी हैं। उनके तीन बेटे थे, जिनमें से एक की एक्सीडेंट में मौत हो गई थी। धीरज उनका सबसे छोटा बेटा था।
धीरज के तीन बच्चे हैं, एक बेटी और दो बेटे। वह परिवार के साथ संजयनगर सेक्टर-23 में रहता था। उन्होंने बताया कि उनके पिता अतर सिंह को 2012-13 में मुआवजे के तौर करीब सात करोड़ रुपये मिले थे।
धीरज उन पैसों से संजयनगर, मधुबन बापूधाम आदि जगह फ्लैट बनाकर बेच रहा था। धीरज ने आरोपियों को पांच करोड़ रुपये उधार दिए हुए थे, जिनसे उसने कई बार पैसे मांगे, मगर वह पैसे देने की बजाय उसे हत्या करने की धमकी दे रहे थे। रविवार को भी धीरज आरोपियों से पैसे मांगने गया था और उन्होंने उसे धमकी दी थी।