फीस बढ़ोतरी मामले में बुधवार को प्रदर्शन के बाद अभिभावकों पर रिपोर्ट दर्ज करने से नाराज अभिभावक बृहस्पतिवार शाम को एसएसपी आवास पर पहुंचे और नाराजगी जाहिर करते हुए धरने पर बैठ गए।
लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बुधवार को उनसे वादा किया था कि वह किसी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं करेंगे लेकिन 150 अभिभावकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई और उन्हें जमानत पर छोड़ा गया। अभिभावकों ने चेतावनी दी कि अगर उन पर दर्ज रिपोर्ट वापस नहीं ली गई तो वे दोबारा उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
साथ ही मुख्यमंत्री से खुद पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ गुहार लगाएंगे। उधर, अपने विदाई समारोह में व्यस्त एसएसपी दीपक कुमार लोगों से नहीं मिल पाए। लोगों का आरोप है कि अगर नए एसएसपी ने भी उनकी बात नहीं सुनी तो वह प्रदर्शन करेंगे।
एसएसपी ने कहा कि उन्होंने बुधवार को ही अपना चार्ज छोड़ दिया है, अब नए एसएसपी लोगों की समस्या सुनेंगे। स्कूलों में बढ़ी हुई फीस के मुद्दे पर जिन अभिभावकों ने बुधवार को हापुड़ रोड जाम किया था। उनके खिलाफ अभिभावक संघ की अध्यक्ष शिवानी जैन ने एडीएम फाइनेंस राजेश कुमार को ज्ञापन सौंपा।
अभिभावक संघ ने एडीएम को दिए ज्ञापन में बुधवार को धरना देने वाले अभिभावकों को असामाजिक तत्व बताया। उन्होंने कहा कि यह गुट स्कूल प्रबंधन द्वारा ही खड़ा किया गया था, जो अभिभावकों को गलत दिशा की ओर ले जा रहा है।
संघ के सचिव सचिन सोनी ने बताया कि उन लोगों ने एडीएम को ज्ञापन देकर प्रदर्शन करने वाले लोगों की जांच कराने की मांग की है। वहीं दूसरी ओर कुछ अभिभावकों ने प्रशासन के जरिए डीएम और सीएम को ज्ञापन सौंप कर गुजरात मॉडल के आधार पर यूपी में भी पब्लिक स्कूलों की फीस निर्धारित करने की मांग की है।
अभिभावकों ने इस प्रदर्शन को खत्म करने के लिए पब्लिक स्कूलों पर शिकंजा कसने और एनओसी देते समय स्कूलों की गहन जांच की मांग की है।