इंदिरापुरम थानाक्षेत्र स्थित कनावनी गांव में पांच साल की मासूम के साथ गैंगरेप किया गया था। पुलिस ने मंगलवार को घटना का खुलासा करते हुए रेप और हत्या के एक आरोपी रामाशीष को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी गाजियाबाद से भागने का प्रयास कर रहा था। पुलिस ने उसे कनावनी पुलिया के पास से धर दबोचा। पुलिस के अनुसार आरोपी ने रेप और बच्ची की हत्या का गुनाह कबूल किया है।
एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि बीती 31 मार्च की दोपहर इंदिरापुरम के गांव से लापता पांच साल की बच्ची की रेप के बाद हत्या की गई थी। उसका शव पास के निर्माणाधीन मकान में मिला था।
परिजनों ने पड़ोस में रहने वाले युवक अफरोज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच में सामने आया कि घटना के दिन अफरोज के साथ रामाशीष भी था। दोनों ने पहले गांजा पीया और फिर बच्ची को फ्रूटी पिलाने के बहाने निर्माणाधीन मकान में ले जाकर उससे दुष्कर्म किया।
घटना के बाद अफरोज फरार हो गया, जबकि रामाशीष परिजनों के साथ रहकर उनकी टोह लेता रहा। परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ में रामाशीष के अफरोज के साथ होने की बात सामने आई।
उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो उसने बताया कि अफरोज के कहने पर उसने रेप किया। शोर मचाने पर दोनों ने बच्ची का मुंह दबाया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस दौरान निर्माणाधीन प्लाट की जमीन पर पड़े पत्थरों से बच्ची के चेहरे पर कुछ चोटें भी आईं।
एसएसपी ने बताया कि आरोपी रामाशीष बिहार के मधुबनी जिले का रहने वाला है। जल्द ही मुख्य आरोपी अफरोज को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उसकी तलाश में दो टीमें छापेमारी कर रही हैं।
- ‘चाकू की नोक पर अफरोज ने मुझसे से करवाया रेप’
रामाशीष ने बताया कि जब वह अफरोज और बच्ची के साथ पीछे मकान में पहुंचा तो अफरोज ने चाकू दिखाकर उसे धमकाया। उसे धमकी दी कि अगर किसी को बताया तो उसकी हत्या कर देगा। इसके बाद उसने चाकू दिखाकर रामाशीष को रेप करने को कहा।
रामाशीष के अनुसार पहले उसने रेप किया और आकर प्लाट की नींव खोदने लगा। कुछ देर बाद अफरोज आया और उसने उसे बताया कि बच्ची मर गई है। इसके बाद दोनों मकान में गए और अफरोज की मदद से रामाशीष ने ही बच्ची के शव को दुछत्ती पर छिपा दिया।
पुलिस का कहना है कि रामाशीष के अंतर्वस्त्रों से खून लगा मिला है, जिसकी जांच कराई जा रही है। हालांकि प्रेस कांफ्रेंस के दौरान पुलिस आरोपी को मीडिया से बात कराने से बचाती रही। बाद में एसएसपी ने आरोपी को वापस बुलाया और मीडिया ने उससे बात की।
- बुरी आदतों के चलते परिवार से अलग रहता था अफरोज
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी अफरोज सिर्फ मृतका को ही नहीं बल्कि गांव की कई बच्चियों को फ्रूटी पिलाता था। इस दौरान वह उन पर भी बुरी नजर रखता था। पुलिस ने आसपास की कुछ और बच्चियों से अफरोज के बारे में पूछताछ की है।
जांच में सामने आया है कि आरोपी पर पहले भी बिहार स्थित गांव में बच्चियों से छेड़छाड़ के आरोप लग चुके हैं। इसके चलते ही वह पिता से अलग रहता था। पुलिस उसका आपराधिक इतिहास खंगाल रही है।
- चार दिन से लगातार बदल रही पुलिस की थ्योरी
पुलिस रामाशीष को गिरफ्तार कर भले ही मामले का खुलासा करने का दावा कर रही हो, मगर घटना के बाद के चार दिन में पुलिस की थ्योरी लगातार बदलती रही है। बच्ची के गायब होने पर जब परिजनों ने अफरोज पर आरोप लगाया तो पुलिस ने उसे हिरासत में न लेते हुए मामले में लापरवाही बरती।
देर रात बच्ची का शव मिलने के बाद भी अफरोज पुलिस के सामने ही फरार हुआ। इसके बाद पुलिस अफरोज को ही अकेला आरोपी मानकर उसकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुट गई। दो दिन तक आरोपी का पता नहीं चला तो पुलिस की जांच गैंगरेप की ओर मुड़ गई। जिसके बाद अब आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
- मां बोली, जब तक अफरोज नहीं पकड़ा जाता, नहीं होगा इंसाफ
मृतका की मां ने रोते हुए बताया कि जो घाव अफरोज और रामाशीष ने उनके परिवार को दिया है वह कभी नहीं भर पाएगा। उनका कहना था कि दोनों आरोपियों को फांसी पर चढ़वाने के लिए जरूरत पड़ी तो परिवार सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ेगा।
मां ने कहा कि जब तक अफरोज गिरफ्तार नहीं होता, तब तक उन्हें इंसाफ नहीं मिलेगा। जिस दिन से बेटी गई है उस दिन से गले से नीचे निवाला भी नहीं उतर रहा है। अब जिस दिन आरोपी पकड़ा जाएगा उसी दिन दिल को कुछ सुकून मिलेगा।
मां का कहना है कि घटना के बाद अफरोज के पिता ने भी उसकी भागने में मदद की। उसने अफरोज के दोनों मोबाइल अपने पास रख लिए और उसे भगा दिया। उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।