वाराणसी और गाजीपुर जिले के पूर्व सीएमओ के खिलाफ गाजियाबाद की सीबीआई विशेष कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी कर दिए हैं। इनके साथ ही कुछ अन्य डॉक्टरों और दवा कारोबारियों भी गैर जमानती वारंट जारी किए गए हैं।
इससे पहले सीबीआई विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने घोटाले से संबंधित पांच चार्जशीटों पर संज्ञान लेते हुए सुनवाई की तारीख नियत कर दी। सीबीआई के वरिष्ठ लोक अभियोजक बीके सिंह के अनुसार सीबीआई ने गाजीपुर और वाराणसी जनपद में हुए एनआरएचएम घोटाले से संबंधित पांच चार्जशीट पूर्व में पेश की थीं।
इन चार्जशीट में वाराणसी के पूर्व सीएमओ डा. अब्दुल हलीम और गाजीपुर के पूर्व सीएमओ उमेश कुमार श्रीवास्तव के अलावा डा. एमसी शर्मा, रामकुमार प्रसाद, श्याम नारायण गुप्ता, अरुण सक्सेना, अपर्णा सक्ेसना,
प्रशांत सक्सेना के अलावा अमृतसर के दो दवा करोबारी जुगल किशोर और प्रदीप कुमार सिंह का नाम भी शामिल है। संज्ञान लेने के बाद कोर्ट ने इन सभी चार्जशीटों पर सुनवाई के लिए 19, 26 और 27 सितंबर की तारीख नियत की है।एक चार्जशीट पर लिए गए संज्ञान में सीबीआई विशेष न्यायाधीश पवन कुमार ने टिप्पणी की है कि डा. एमसी शर्मा और
रामकुमार प्रसाद जोकि उस समय लोक सेवक थे, वर्तमान में वह रिटायर हो चुके हैं। इन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए मैसर्स अंजानिया बिजनेस इंडिया प्रा. लि. के डायरेक्टर के माध्यम से वर्ष 2008-09 के दौरान आरोपियों से उच्च कीमतों पर टैली मेडिसियन प्रोजेक्ट में प्रयोग होने वाले उपकरण एवं अन्य सामान खरीदकर राज्य सरकार को करीब 3.33 करोड़ का चूना लगाया।
यह राष्ट्र एवं भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रति गंभीर अपराध है।तुलसीराम की अंतरिम जमानत अर्जी को किया ‘नॉट प्रेस’एनआरएचएम घोटाला प्रकरण में सोमवार को सीबीआई विशेष कोर्ट में सरेंडर करने वाले लखनऊ अस्पताल के बाबू तुलसीराम की जमानत अर्जी को उनके अधिवक्ता ने ‘नॉट प्रेस’ कर लिया। अधिवक्ता का कहना था कि वह अंतरिम जमानत पर बहस नहीं करना चाहते। इस मामले में मुख्य जमानत अर्जी पर बहस अब 5 सितंबर को होगी।