पहली पत्नी से नितेश के थे दो बच्चे
एसीपी प्रियाश्री पाल ने बताया कि बच्ची का परिवार वेव सिटी के फ्लैट नंबर-316 में रहता है। पिता नितेश मूल रूप से अलीगढ़ के खैर थाना क्षेत्र के गांव सोफा का निवासी है। उसकी पहली शादी विनेश से हुई थी, जिससे चार वर्षीय दर्श और तीन वर्षीय वंशिका थी।
विनेश को छोड़कर नितेश ने की थी ज्योति से शादी
करीब डेढ़ वर्ष पहले नितेश ने विनेश को छोड़ दिया था। वर्तमान में वह अपने मायके में रह रही है। इसके बाद नितेश ने एक वर्ष पूर्व ज्योति नाम की युवती से विवाह कर लिया। दोनों की दो माह की बेटी अनन्या है। पहली पत्नी से हुए दोनों बच्चे भी पिता और सौतेली मां के साथ ही रह रहे थे।
ज्योति बोली- बेड से गिर गई थी वंशिका
घटनाक्रम के अनुसार, 16 मई की दोपहर करीब ढाई बजे नितेश ड्यूटी पर चला गया। रात करीब आठ बजे जब वह लौटा तो वंशिका फर्श पर बेसुध पड़ी थी। उसके पास ज्योति लेटी हुई थी और नवजात बेटी को दुलार रही थी। नितेश ने पूछताछ की तो ज्योति ने बच्ची के बेड से गिरने की बात कही। शक होने पर उसने बड़े भाई अमित और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने ज्योति को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो सच्चाई सामने आ गई।
कभी दूध तो कभी आइसक्रीम मांगती थी
पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिला ने पूछताछ में बताया कि वह वंशिका की हरकतों से परेशान रहती थी। बच्ची कभी दूध मांगती थी तो कभी आइसक्रीम की जिद करती थी। डर के कारण शौच करने की बात नहीं बताती थी। वह दो माह की बच्ची को गोद में लेने की जिद भी करती थी। दिन में वंशिका और रात में नवजात के कारण नींद पूरी नहीं हो पा रही थी। इसी गुस्से में उसने बच्ची को पीटने के बाद मुंह और नाक दबाकर मार डाला।
दम घुटने से हुई मौत, चोट के सात निशान
पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि बच्ची की मौत दम घुटने से हुई। उसके शरीर पर चोट के सात निशान मिले हैं। रिपोर्ट के अनुसार, हत्या शनिवार दोपहर तीन से चार बजे के बीच की गई थी।
किया था प्रेम विवाह
नितेश के बड़े भाई अमित कुमार ने बताया कि नितेश ने पहली पत्नी को छोड़ने के बाद गांव में ही रहने वाली ज्योति से मंदिर में प्रेम विवाह कर लिया था। इस बात से परिवार नाराज था और उससे दूरी बना ली थी। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्योति के आने के बाद नितेश परिवार से कट गया था।
चंचल थी मासूम वंशिका
परिजनों के मुताबिक, वंशिका बेहद चंचल और मिलनसार थी। घर में खेलना, फ्रिज से चीजें निकालना और छोटी बहन को गोद में लेने की जिद करना उसकी आदत थी। पुलिस का कहना है कि इन्हीं छोटी-छोटी बातों को लेकर ज्योति उसे अक्सर पीटती थी।
मां का आंचल छूटा, मासूम बेटियां बन गईं काल का ग्रास
गाजियाबाद में यह पहला मामला नहीं है, जब मां से दूर हुई मासूम बच्ची बेरहमी का शिकार बनी हो। नंदग्राम क्षेत्र में कुछ समय पहले घर के बाहर खेल रही बच्ची को पड़ोसी टॉफी दिलाने के बहाने ले गया था। दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। बच्ची की मां प्रेम प्रसंग में घर छोड़कर चली गई थी और वह पिता व भाइयों के साथ रह रही थी।
इसी तरह 14 जनवरी 2026 को मसूरी थाना क्षेत्र के डासना में छह वर्षीय शिफा की उसके पिता और सौतेली मां ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। नाली में गिरने से कपड़े गंदे होने पर बच्ची को बेरहमी से पीटा गया था। पोस्टमार्टम में शरीर पर 13 चोटों के निशान और कई हड्डियां टूटी मिली थीं।
वंशिका भी मां के साये से दूर थी। आखिरकार उसकी जिंदगी भी उसी घर में खत्म हो गई, जहां उसे सबसे ज्यादा सुरक्षित होना चाहिए था।