फूड डिपार्टमेंट की ओर से दो जगहों पर लिए गए मैगी के सैंपल जांच में सब स्टैंडर्ड आए हैं। अब डिपार्टमेंट ने नूडल्स बेचने वाली दोनों फर्मों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराए जाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। डिपार्टमेंट की टीम ने यह सैंपल मई 2015 में लिए थे।
चीफ फूड सेफ्टी ऑफिसर अजय जायसवाल ने बताया कि टीम ने मई और जून 2015 में दो जगहों से मैगी (नूडल्स) के नमूने लिए थे। पहला नमूना कविनगर स्थित विकास अरोड़ा के गोदाम से लिया गया। इसमें नूडल्स के साथ मिलने वाले मसाले में टेस्ट मेकर (अर्जीनोमोटो) की मात्रा निर्धारित मानक एक प्रतिशत से काफी ज्यादा पाई गई।
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उन्हाेंने बताया कि अर्जीनोमोटो की मात्रा ज्यादा होने का मतलब है कि नूडल्स बच्चों के साथ गर्भवती महिलाओं के लिए भी हानिकारक है। इसके साथ ही पैक पर इसका डिक्लेयरेशन भी नहीं था। दूसरा नमूना रॉयल फास्ट फूड मोदीनगर से लिया गया था।
डिपार्टमेंट ने सैंपल को जांच के लिए लैब भेजा। वहां से रिपोर्ट में नूडल्स का मसाला सब स्टैंडर्ड श्रेणी में आया है। लिहाजा एडीएम सिटी की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कमिश्नर को पत्र लिखा गया है।