नेहरूनगर में पार्षद शिवकुमार अग्रवाल के कारोबारी भाई प्रवीण के घर 23 अप्रैल को हुई चोरी का सिहानी गेट पुलिस ने खुलासा कर दिया। उनकी मेड ने ही वारदात कराई थी। पुलिस ने मेड, एक अन्य महिला समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
इनसे दो सोने की चेन, गोल्ड का बिस्कुट, लॉकेट, डायमंड के टॉप्स, रिंग, व्हाइट गोल्ड लॉकेट, 67 हजार रुपये, बाइक, लाइसेंसी पिस्टल, सात मोबाइल, लैपटॉप और चाभियों के गुच्छे आदि बरामद हुए।
एसपी सिटी सलमान ताज ने बताया कि पकड़े गए चोरों में राजीव, दिगंबर बुलंदशहर के हैं, राजेश निवासी अमरोहा, सोनू निवासी हरवंशनगर, सरोज और सुशीला सिहानी गेट की हैं, जबकि विक्रांत मेरठ का। सरोज कारोबारी के घर मेड थी।
सरोज ने दिल्ली स्थित अपना घर गिरवी रखकर दो लाख रुपये ब्याज पर लिए थे। ब्याज अदा न कर पाने के कारण उसे मकान खोने का डर था। सरोज ने प्रवीण की पत्नी को अलमारी में रुपये रखते देख लिया था। तब उसे चोरी का आइडिया आया।
उसने अपने दामाद राजीव और भांजी सुशीला को यह बताया। सुशीला भी मेड इसी मोहल्ले में मेड है। राजीव ने दिगंबर, राजेश, सोनू और विक्रम को वारदात में शामिल किया। इन्हें 30-35 लाख रुपये मिलने की उम्मीद थी।
चोर ज्वैलरी को बेचने के लिए सिकंदराबाद गए थे, ज्वैलरी नहीं बिकी। पुलिस ने एक सूचना पर इन्हें डीपीएस कट के पास से दबोचा। इनका एक साथी भागा हुआ है। एसपी सिटी ने बताया कि विक्रम, बंटी-बबली गैंग से पहचाने जाने वाले 100 से अधिक चोरी कर चुके मेरठ के मुखलाल का जीजा है।
मुखलाल की रीढ की हड्डी में चोट है, अब गैंग विक्रम चलाता है। विक्रम स्कूल बैग में चोरी करने जाता था। खुद को स्टूडेंट बताता था और वैसी ही ड्रेस में रहता था। राजीव और विक्रम की मुलाकात दो साल पहले बुलंदशहर जेल में हुई थी।
दोनों चोरी के अलग-अलग मामलों में बंद थे। इन्होंने 20 मार्च को भी चोरी की कोशिश की थी, मगर परिवार के सदस्य आ जाने के कारण नहीं कर सके थे। यह गैंग विद्युत मीटर चेक करने के बहाने भी वारदात करता था।
यह वारदातें भी खुलीं
एसएचओ अवनीश गौतम ने बताया कि पटेल नगर में कंपनी कर्मचारी के घर, नवयुग मार्केट में, कविनगर सी-ब्लॉक में और भाटिया मोड़ स्थित ऑफिस में चोरी भी इसी गैंग ने की थी।
मेड का नहीं कराया था पुलिस वेरिफिकेशन
सीओ द्वितीय मनीष मिश्रा ने बताया कि मेड सरोज दो साल से काम कर रही थी, लेकिन उसका पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया गया था। विक्रम भी बिना पुलिस वेरिफिकेशन नाम बदलकर सिहानी में रहता था। पुलिस अब फिर से वेरिफिकेशन अभियान चलाएगी।