गाजियाबाद के स्क्रैप व्यापारी एवं प्रापर्टी डीलर इरशाद मलिक के अपहरण का मामला सामने आया है। व्यापारी ने खुद अपने बेटे को फोन कर जान को खतरा बताते हुए बागपत पहुंचने के लिए कहा। व्यापारी के बेटे को साथ लेकर पुलिस ने हमीदाबाद क्षेत्र में चेकिंग अभियान चलाया।
व्यापारी की स्वीफ्ट डिजायर बागपत-मेरठ रोड पर कस्बा अग्रवाल मंडी टटीरी के पास खड़ी मिली। उनकी एक चप्पल गाड़ी में तो दूरी चप्पल ज्वार के खेत से बरामद हुई। पुलिस व्यापारी की तलाश में जुटी है।
गाजियाबाद के कस्बा लोनी की पूजा कॉलोनी निवासी मेहराज मलिक का कहना है कि उनके पिता बुधवार सुबह करीब नौ बजे घर से अपनी स्वीफ्ट डिजायर (यूपी14 बीआर-3736) लेकर निकले।
दोपहर करीब एक बजे पुस्ता चौकी के पास धर्मकांटे पर उसके भाई शहजाद को पिता इरशाद माल से लदी एक गाड़ी की तौल कराते दिखे। उसके बाद कहां गए, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। शाम करीब तीन बजे उसके मोबाइल पर पिता का फोन आया। उन्होंने अपने साथ कार, कैश लूट होने और जान को खतरा बताया और तुरंत बागपत में मेरठ रोड पर आने को कहा।
इसके बाद उनका मोबाइल बंद हो गया। पीड़ित ने तुरंत पुलिस को फोन के संबंध में जानकारी दी। पुलिस व्यापारी के बेटे को साथ लेकर हमीदाबाद गांव और कस्बा अग्रवाल मंडी टटीरी क्षेत्र में पहुंची। यहां सड़क किनारे उनकी गाड़ी खड़ी मिली।
गाड़ी में उनकी एक चप्पल और पर्स पड़ा मिला। दूसरी चप्पल ज्वार के खेत में पड़ी मिली। व्यापारी के अपहरण की सूचना मिलते ही एसपी पूनम, सीओ राजवीर, सीओ श्वेतांभ पांडेय, बागपत कोतवाली और सिंघावली अहीर थाना पुलिस मौके पर पहुंची।
एसपी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद पुलिस के साथ व्यापारी की तलाश में लग गई। सीओ राजवीर सिंह ने कहा लोनी के व्यापारी की तलाश की जा रही है, साथ ही हर बिंदू की जांच की जा रही है।
प्लाट के आए थे तीन लाख रुपये
मेहराज के अनुसार उनके पिता से लोनी के ही एक व्यक्ति ने उनकी स्वीफ्ट गाड़ी और एक प्लाट का आठ लाख में मोलभाव किया था। वह चार-पांच दिन पहले गाड़ी लेकर चला गया था।
मंगलवार की रात में उनके पिता को वह प्लाट के तीन लाख रुपये देकर चला गया था। गाड़ी के पांच लाख रुपये नहीं दिए थे। उनके पिता ने रुपये न देने पर उससे गाड़ी ले ली थी। तीन लाख रुपये उनके पिता के पास ही हैं।
मेरठ रिश्तेदारी में जाने के लिए बोल रहे थे
मेहराज का कहना है कि उनके पिता बागपत में कैसे आए। इसकी उनकी जानकारी नहीं है। दो-तीन दिन पहले कह रहे थे उन्हें मेरठ रिश्तेदारी में जाना है। हो सकता है कि पुलिस वहां पर गई हो।
...जल्दी आ जाओ, मुझे बदमाश मार देंगे
मेरी गाड़ी और रुपये छीन लिए गए हैं, मुझे बदमाश मार डालेंगे। जल्दी बागपत मेरठ रोड पर आ जाओ। स्क्रैप व्यापारी इरशाद ने अपने बेटे मेहराज से फोन पर यही बातें कही थी। मेहराज का कहना है कि उसके मोबाइल पर करीब तीन बजे उसके पिता इरशाद ने कॉल की। रिसीव करते ही यही बातें कही गई। पुलिस को जानकारी दी।
पुलिस ने उलझाया, खुद तलाशी गाड़ी
स्क्रैप कारोबारी के बेटे मेहराज का कहना है कि कॉल रिसीव होते ही उन्होंने कंट्रोल रूम 100 नंबर पर कॉल की। पुलिस वालों ने कहा यह बागपत का नंबर है। बागपत की ओर से दस किमी चलने के बाद कॉल करना।
इसके बाद उसने अपने परिजनों के साथ गाजियाबाद की पुस्ता पुलिस चौकी में शिकायत की। वहां की पुलिस ने कंट्रोल रूम को अवगत कराते हुए उनको बागपत जाने के लिए कहा। बागपत में प्रवेश करने के बाद उन्होंने पुलिस को जानकारी दी।
बाद में कोतवाली में शिकायत की। पुलिस ने उनसे घटना के संबंध में पूरी जानकारी ली और कहा इधर उधर तलाश कर लो। वह खुद ही कार से अपने पिता को तलाश करने बागपत-मेरठ रोड पर आ गए।
रास्ते में उन्हें अपनी स्वीफ्ट डिजायर गाड़ी खड़ी मिली। इसके बाद उन्होंने कोतवाली में पहुंचकर इसकी जानकारी दी। तब जाकर पुलिस उनके साथ गाड़ी के पास आई। उनका कहना है कि इस मामले में पुलिस ने पूरी लापरवाही की है।
पुलिस सक्रिय होती तो मिल जाते मेरे पिता
मेहराज के अनुसार जानकारी मिलने पर वे लोनी से बागपत आ गए। उन्होंने लोनी से ही पुलिस को घटना की जानकारी देनी शुरू कर दी थी। आरोप है पुलिस जरा भी सक्रियता दिखाती तो उनके पिता मिल जाते और बदमाश पकडे़ जाते।
व्यापारी के बेटे ने ही दी पुलिस को लोकेशन
व्यापारी इरशाद के बेटे मेहराज का कहना है कि लोनी पुलिस ने ही फोन से लोकेशन ट्रेस कर जानकारी दे दी थी कि उनके पिता के साथ घटना कस्बा अग्रवाल मंडी टटीरी के पास हुई है। बागपत पुलिस को उसने ही यह जानकारी दी। उन्होंने ही खुद अपनी स्वीफ्ट डिजायर गाड़ी तलाश की। यहां की पुलिस तो काफी देर बाद वहां पर पहुंची है।
लोनी के लोगों ने डाला कोतवाली में डेरा
स्क्रैप व्यापारी के अपहरण का पता चलते ही लोनी के काफी लोग बागपत कोतवाली पहुंच गए। वे पुलिस से जानकारी ले रहे हैं, लेकिन पुलिस अभी तक किसी नतीजे पर नहीं है। कोतवाली पर लोगों का जमावड़ा लगा हुआ है।
बाघू के तीन संदिग्ध लोगों को कोतवाली लाई पुलिस
मेरठ रोड पर जहां पर व्यापारी इरशाद की कार मिली। एसपी पूनम वहां पर पहुंची। उन्होंने पुलिस अफसरों ने बाघू-संतोषपुर गांव के बारे में जानकारी की। इसके बाद एसपी, सीओ राजवीर सिंह और कोतवाली पुलिस बाघू गांव में पहुंची।
पुलिस सूत्रों की माने तो पुलिस वहां से तीन संदिग्ध लोगों को पूछताछ करने के लिए कोतवाली पर लेकर आई। हालांकि पुलिस अफसर इस बारे में अभी कोई जानकारी नहीं दे रहे हैं।