एक महिला ने प्रदेश के सीएम और यूपी पुलिस को ट्वीटर पर खून से लिखा हुआ एक पत्र ट्वीट किया है। इस ट्वीट में उसने मुरादनगर पुलिस की गलत कार्रवाई की शिकायत की है।
दिल्ली की रहने वाली एक महिला ने 2009 में मोरटा गांव में रहने वाले युवक के साथ अंतरजातीय प्रेम विवाह किया था।
महिला का आरोप है कि शादी के बाद से ससुराल पक्ष के लोग उसे जातिसूचक शब्द कहते थे। इसके अलावा जब वह अपने पति के साथ प्रॉपर्टी के मामले को लेकर परिवार के पास गई तो उन्होंने दोनों की पिटाई कर दी। इससे उसके पति की रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई थी, जिससे कुछ समय बाद उसके पति को बोन टीबी हो गया।
महिला ने बताया कि लगातार ससुराल द्वारा परेशान करने के बाद उसने जुलाई 2016 में एसएसपी से मामले की शिकायत की थी और बाद में मुरादनगर थाने में सुसराल के सात लोगों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। महिला ने पत्र में लिखा है कि उनके पति को कैंसर और बोन टीबी है।
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद उसे पुलिस लगातार थाने में पूछताछ के लिए बुलाती रही है। महिला ने बताया कि वह करीब 90 बार मुरादनगर थाने में आई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। महिला का आरोप हैै कि पुलिस ने इस मामले में बिना कोई कार्रवाई किए एफआर लगा दिया,
जिसके बाद से उसने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, आईजी, डीआईजी, एसएसपी और एसपी देहात से शिकायत की थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब उसने शुक्रवार को यूपी के सीएम आदित्यनाथ योगी को ट्वीट करते हुए कार्रवाई की मांग की है।