बार एसोसिएशन के चुनाव में शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। मतदान समाप्त होने से कुछ देर पहले कुछ लोग हंगामा करते हुए मतदेय स्थल में जा घुसे। जब तक कोई कुछ समझ पाता, तब तक हंगामा करने वालों ने मतपेटी को क्षतिग्रस्त कर उसमें से मतपत्र निकालकर फाड़ने शुरू कर दिए।
करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद चुनाव कमेटी के चेयरमैन एवं वरिष्ठ अधिवक्ता सुधीर त्यागी ने चुनाव को रद्द कर दिया। इस दौरान थानेदार और पुलिस फोर्स खड़ी होकर तलाशा देखती रही। चुनाव पर चर्चा के लिए अब सोमवार को जनरल बॉडी की मीटिंग बुलाई गई है। दूसरी ओर, इस चुनाव में अध्यक्ष पद के प्रत्याशी ने दूसरे प्रत्याशी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
इस बार अध्यक्ष पद के लिए तीन और सचिव पद के लिए पांच उम्मीदवार मैदान में थे। पिछले कई दिनों से चुनाव की तैयारियां चल रही थीं। शुक्रवार सुबह आठ बजे से मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई। दिन भर सब कुछ ठीक चला। शाम को मतदान प्रक्रिया समाप्त होने से कुछ देर पहले ही अचानक हंगामा शुरू हो गया।
अध्यक्ष पद के प्रत्याशी राकेश त्यागी काकड़ा ने एक अन्य प्रत्याशी पर एक साथ कई मतपत्र डालने का आरोप लगाया। कुछ ही देर में दोनों पक्षों के समर्थक वहां एकत्र हो गए।चुनाव कमेटी के चेयरमैन और अन्य सदस्यों ने हंगामा कर रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया।
इसी दौरान कुछ लोगों ने उस मतपेटी को क्षतिग्रस्त कर दिया, जिसमें अध्यक्ष और सचिव पदों के लिए मतदान किया जा रहा था। देखते ही देखते मतपत्र जमीन पर बिखर गए। इसके बाद हंगामा कर रहे कुछ लोगों ने मतपत्रों को फाड़ डाला।
हंगामा और मतपत्रों की लूट के बाद वकीलों के कई गुट बन गए। सभी पक्ष एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे थे। करीब एक घंटे तक हंगामे की स्थिति रही। इसके बाद चुनाव कमेटी के चेयरमैन सुधीर त्यागी ने चुनाव रद्द किए जाने की घोषणा कर दी।
इस पूरे हंगामे के दौरान खास बात यह रही कि बार चुनाव को लेकर बड़ी संख्या में फोर्स वहां मौजूद थी, मगर विवाद के दौरान वहां मौजूद थानेदार और अन्य अफसर मूकदर्शक बने रहे। चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह से शांति के साथ चल रही थी। इसी दौरान कुछ अज्ञात असामाजिक लोग मतदेय स्थल में घुस आए।
जब तक कोई कुछ समझता तब तक उन्होंने मतपेटी को क्षतिग्रस्त करके मतपत्र फाड़ डाले। इसी के चलते चुनाव को रद्द करना पड़ा। इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस को सूचना दी गई है। बार एसोसिएशन चुनाव को लेकर आगे की रणनीति तय करने के लिए सोमवार को जनरल बॉडी की बैठक बुलाई गई है।
- सुधीर त्यागी, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं चुनाव कमेटी के चेयरमैन
गाजियाबाद के इतिहास में यह एक काला अध्याय बन गया है। बार एसोसिएशन के चुनाव में मामूली नोकझोंक तो होती थी, मगर इस तरह से बूथ कैप्चरिंग शर्मनाक है।
- विक्रांत शर्मा, अधिवक्ता
बार चुनाव के इतिहास में यह एक काला अध्याय बन गया है। जो कुछ भी हुआ वह गलत हुआ है। वकील अनुशासित होते हैं, मगर कुछ लोगों की इस हरकत से सभी को शर्मिंदा होना पड़ा है।
- अनिल पंडित, पूर्व बार एसोसिएशन अध्यक्ष